फ्रांस में जी7 बैठक के दौरान एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की अहम बातचीत हुई। पश्चिम एशिया तनाव, वैश्विक सप्लाई चेन और इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप कॉरिडोर पर चर्चा हुई, साथ ही कई देशों के विदेश मंत्रियों से भी द्विपक्षीय मुलाकातें की गईं।
फ्रांस में आयोजित G7 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बातचीत की। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब पूरी दुनिया की निगाहें पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और उसके वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव पर केंद्रित हैं। जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस मुलाकात की तस्वीर शेयर करते हुए कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री के साथ उनकी चर्चा “उपयोगी और सार्थक” रही। उन्होंने इस दौरान वैश्विक हालात, विशेष रूप से पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से उत्पन्न अनिश्चितताओं पर चिंता व्यक्त की।
बैठक में जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियां यह स्पष्ट करती हैं कि दुनिया को अधिक मजबूत और भरोसेमंद व्यापार मार्गों तथा सप्लाई चेन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में कनेक्टिविटी परियोजनाएं बेहद अहम भूमिका निभाती हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने India-Middle East-Europe Economic Corridor (IMEC) की उपयोगिता को रेखांकित किया, जो भारत, मध्य पूर्व और यूरोप के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके अलावा, जयशंकर ने फ्रांस, कनाडा, दक्षिण कोरिया, जापान, ब्राजील, ब्रिटेन, जर्मनी और यूक्रेन के अपने समकक्षों से भी मुलाकात की। इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने और साझा चुनौतियों से निपटने पर चर्चा की गई। दूसरी ओर ईरान-इजरायल युद्ध भी खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है।
हाल ही में ईरान के परमाणु ठिकानों पर हुए हमलों ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है। ईरान की सरकारी एजेंसी IRNA के मुताबिक, देश के दो अहम न्यूक्लियर केंद्रों को निशाना बनाया गया, एक हेवी वॉटर प्लांट और दूसरा येलोकेक उत्पादन केंद्र। ये दोनों सुविधाएं ईरान के परमाणु कार्यक्रम के लिए काफी अहम मानी जाती हैं। ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने बताया कि अराक स्थित शाहिद खोंडाब हेवी वॉटर कॉम्प्लेक्स और यज़्द प्रांत के अर्दकान प्लांट पर हमला हुआ। राहत की बात ये रही कि अभी तक किसी के हताहत होने या रेडियोएक्टिव लीक की खबर नहीं आई है। लेकिन खतरा टला नहीं है और माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।