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अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच चीन ने किया बड़ा खेल! समझिए नई कूटनीतिक चाल

US-Iran Conflict Update: अमेरिका और ईरान के बढ़ते तनाव के बीच दुनिया की नजरें अब चालबाज चीन पर टिक गई है। चीन अब चुपचाप अपनी ताकत और पहुंच को तेजी से बढ़ा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन… अमेरिका-ईरान भीषण युद्ध के बीच आसियान और अफ्रीका महाद्वीप के देशों पर खास ध्यान देना शुरू कर […]

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भारत

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Saurabh Mall

Mar 27, 2026

Xi Jinping

चीन के पीएम शी-जिनपिंग (सोर्स: विकिपीडिया)

US-Iran Conflict Update: अमेरिका और ईरान के बढ़ते तनाव के बीच दुनिया की नजरें अब चालबाज चीन पर टिक गई है। चीन अब चुपचाप अपनी ताकत और पहुंच को तेजी से बढ़ा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन… अमेरिका-ईरान भीषण युद्ध के बीच आसियान और अफ्रीका महाद्वीप के देशों पर खास ध्यान देना शुरू कर दिया है।

दरअसल, ‘सीनेट फॉरेन अफेयर्स’ कमेटी की कन्फर्मेशन हियरिंग में टॉप डिप्लोमैटिक उम्मीदवारों का मानना है कि आने वाले समय में दुनिया की असली प्रतिस्पर्धा मिडिल-ईस्ट के बाद इन्हीं क्षेत्रों में तय होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए ‘एसोसिएशन ऑफ साउथ-ईस्ट एशियन नेशंस’ और ‘अफ्रीकन डेवलपमेंट बैंक’ जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए अमेरिका अपना असर मजबूत करने की तैयारी कर रहा है। ये इस बात का संकेत है …

US एम्बेसडर ने क्या कहा?

केविन किम (Kevin Kim) जिन्हें आसियान में अमेरिका का एम्बेसडर बनाने के लिए नामित किया गया है, ने साउथ-ईस्ट एशिया को बहुत अहम इलाका बताया। उन्होंने कहा कि यहां से दुनिया की एक-तिहाई समुद्री व्यापार (शिपिंग) गुजरती है, इसलिए अमेरिका के लिए जरूरी है कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र खुला और सुरक्षित बना रहे।

उन्होंने यह भी कहा कि साउथ-ईस्ट एशिया की अर्थव्यवस्था करीब 4 ट्रिलियन डॉलर की है, जो अमेरिकी सामानों के लिए बड़ा बाजार है। उनका लक्ष्य है कि व्यापार बढ़े, सप्लाई चेन मजबूत हो और अमेरिका ASEAN देशों का सबसे भरोसेमंद पार्टनर बना रहे।

बता दें ये बयान तब आया है, जब चीन ने इस मुद्दे पर दिलचस्पी दिखाई है… वहीं अफ्रीका को लेकर ‘Ademola Adewale-Sadik’ ने कहा कि अमेरिका को ‘African Development Bank’ में अपनी मजबूत हिस्सेदारी का बेहतर इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने अफ्रीका को भविष्य का बड़ा आर्थिक मौका बताया और कहा कि इससे अमेरिका और अफ्रीका दोनों को फायदा होगा।

उन्होंने चीन से मुकाबले की बात भी की, जो अफ्रीका में बड़े प्रोजेक्ट्स ले रहा है, लेकिन उनका कहना है कि अमेरिकी कंपनियां लंबी अवधि में ज्यादा फायदा देती हैं। लेकिन चीन अब ज्यादा लाभ देकर इसी मौके को भुनाने में लगा है।

चीन की बढ़ती ताकत और अमेरिका की कम होती मौजूदगी

अब चाहें जो भी हो…. ‘सीनेटरों’ ने चीन की बढ़ती ताकत और अमेरिका की कम होती मौजूदगी पर चिंता जताई और कहा कि असर बनाए रखने के लिए लगातार आर्थिक, कूटनीतिक और सांस्कृतिक जुड़ाव जरूरी होगा।