सिख श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ पाकिस्तान गई पंजाब की सरबजीत कौर की भारत वापसी एक बार फिर रोक दी गई है। पाकिस्तान गृह मंत्रालय ने कोर्ट में केस चलने का हवाला देते हुए सरबजीत का डिपोर्टेशन रोक दिया।
तीर्थ यात्रा पर पाकिस्तान गई भारतीय महिला सरबजीत कौर की भारत वापसी एक बार फिर रोक दी गई है। सोमवार को पाकिस्तानी अधिकारियों ने सरबजीत को हिरासत में लेकर अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते भारत भेजने की पूरी तैयार कर ली थी। लेकिन आखिरी पलों में आकर पाकिस्तान गृह मंत्रालय ने सरबजीत की वापसी टाल दी है। पाकिस्तान सरकार ने सरबजीत के निकाह का मामला अदालत में विचाराधीन होने का हवाला देते हुए उसकी वापसी रोक दी।
पाकिस्तान गृह मंत्रालय ने कहा कि सरबजीत ने अपनी मर्जी से निकाह किया है और यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में कोर्ट के आदेश आने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करके ही सरबजीत को भारत भेजा जाएगा। फिलहाल सरबजीत पाकिस्तान पुलिस की कस्टडी में है और पुलिस कस्टडी में उसकी एक तस्वीर भी सामने आई है। पुलिस ने रविवार को सरबजीत और उसके पति नासिर हुसैन को गिरफ्तार किया था।
48 वर्षीय सरबजीत पंजाब के कपूरथला की रहने वाली हैं। वह तलाकशुदा है और उनके दो बेटे हैं। वह गुरु नानक देव जी के 555वें प्रकाश पर्व के मौके पर 1,992 सिख श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ 4 नवंबर 2025 को पाकिस्तान गई थीं। ये तीर्थ यात्री 10 दिन वहां रहकर 13 नवंबर को भारत लौट आए थे लेकिन सरबजीत इनके साथ नहीं थी। इसके बाद उनकी तलाश शुरू की गई। सरबजीत के गायब होने की सूचना पाकिस्तानी अधिकारियों को भी दी गई। इसी बीच 15 नवंबर को सोशल मीडिया पर एक निकाहनामा वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि सरबजीत ने अपना नाम बदल कर नूर हुसैन रख लिया है और एक पाकिस्तानी शख्स से निकाह कर लिया है।
निकाहनामा के अनुसार, सरबजीत ने शेखूपुरा के रहने वाले 43 वर्षीय नासिर हुसैन से निकाह कर लिया था। इसके बाद सरबजीत के बयान का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया था जिसमें वह यह कहती दिख रही थी कि उसने अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन किया है। यह 18 सेकंड का वीडियो दोनों की शादी का बताया जा रहा है। इसमें सरबजीत ने यह भी कहा कि वह 9 सालों से नासिर को जानती है और उससे निकाह करने के लिए ही पाकिस्तान आई थी। नासिर और सरबजीत की मुलाकात सोशल मीडिया के जरिए हुई थी।
मामला सामने आने के बाद सरबजीत के खिलाफ भारत में कई केस दायर किए गए और पाकिस्तान में भी उसके डिपोर्टेशन की मांग उठने लगी। सिख नेता महिंदर पाल सिंह ने जासूसी का खतरा बताते हुए सरबजीत को डिपोर्ट करने के लिए लाहौर हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की। दूसरी तरफ सरबजीत और उसके पति ने भी पुलिस द्वारा परेशान किए जाने को लेकर कोर्ट में याचिका दायर की। नवंबर 2025 में कोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया कि अगर शादी और धर्म परिवर्तन स्वेच्छा से हुआ तो उन्हें परेशान न किया जाए।
लेकिन यह मामला यहीं शांत नहीं हुआ बल्कि वीजा उल्लंघन, ओवरस्टे और सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए पाकिस्तानी अधिकारियों ने आगे बढ़ाया। इसके बाद पाकिस्तानी अधिकारी सरबजीत को वापस भेजने की तैयारी में जुट गए और भारतीय अधिकारियों को भी इस बात की सूचना दी गई। पाकिस्तान शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और पाकिस्तानी पंजाब सरकार के मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा ने सरबजीत को भारत वापस भेजे जाने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि ननकाना साहिब के गांव पेहरे वाली में इंटेलिजेंस ब्यूरो और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी करके 4 जनवरी को सरबजीत और उसके पति को हिरासत में ले लिया है और अब सरबजीत को वापस भेजा जाएगा। लेकिन अब अदालत में मामले का हवाला देते हुए पाकिस्तान गृह मंत्रालय ने एक बार फिर इस प्रक्रिया को टाल दिया है।