
Ebola outbreak: इबोला के बढ़ते खतरे और व्यापक स्तर पर प्रसार को देखते हुए सऊदी अरब ने बड़ा फैसला लिया है। दरअसल, सऊदी अरब ने अपने नागरिकों के डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी), युगांडा और दक्षिण सूडान की यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही, इन तीनों देशों से आने वाले यात्रियों के लिए सभी प्रकार के वीजा जारी करने पर रोक लगा दी है। ये नियम किसी तीसरे देश के रास्ते सऊदी अरब पहुंच रहे, लोगों पर भी लागू होंगे।
सऊदी की पब्लिक हेल्थ अथॉरिटी यानी वेकाया द्वारा घोषित नए प्रतिबंधों के तहत, ये नियम उन लोगों पर भी लागू होंगे जो किसी तीसरे देश के रास्ते सऊदी अरब पहुंच रहे हैं। इसके अतिरिक्त, यदि कोई व्यक्ति पिछले 21 दिनों के भीतर डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, युगांडा या दक्षिण सूडान में रहा है तो उस पर भी सऊदी अरब में प्रवेश पर रोक है।
सऊदी गजट की रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला एहतियात के तौर पर लिया गया है। इसका मकसद अफ्रीका के कुछ हिस्सों में जारी इबोला प्रकोप के बीच वायरस के सऊदी अरब में प्रवेश के खतरे को कम किया जा सके। सऊदी की पब्लिक हेल्थ अथॉरिटी ने यह भी बताया है कि उसकी स्वास्थ्य एजेंसियां, रिस्पांस सिस्टम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय के लिए 24 घंटे एक्टिव हैं। लगातार हालात पर नजर रखी जा रही है।
आपको बता दें कि सऊदी अरब में इबोला का कोई केस नहीं है। अधिकारियों की ओर से बताया गया है कि उनके देश में सार्वजनिक स्वास्थ्य स्थिति स्थिर बनी हुई है। सऊदी अरब में इबोला का कोई संदिग्ध केस अब तक सामने नहीं आया है। एहतियातन ये कदम सुरक्षा के मद्देनजर उठाए गए हैं, जो कि संक्रामक बीमारियों की रोकथाम में मदद करते हैं।
इबोला एक बेहद गंभीर और जानलेवा वायरल संक्रमण है। यह वायरल हेमोरेजिक फीवर की श्रेणी में आता है, जो शरीर की रक्त वाहिकाओं को प्रभावित करता है। शुरुआत में इसके लक्षण सामान्य फ्लू जैसे दिखाई देते हैं, जैसे तेज बुखार, अत्यधिक थकान, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द। हालांकि, समय के साथ बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। मरीज को लगातार उल्टी, दस्त, किडनी और लीवर के कामकाज में गड़बड़ी जैसी समस्याएं होने लगती हैं। गंभीर मामलों में नाक, मुंह या त्वचा से खून बहने की स्थिति भी पैदा हो सकती है।