
रूस ने यूक्रेन के 660 ड्रोन मार गिराए (फोटो- L'Echo एक्स पोस्ट)
Ukrainian-Russia-War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध अब नए और अधिक आक्रामक चरण में पहुंचता दिख रहा है। पिछले कई महीनों से दोनों देशों के बीच मिसाइल और ड्रोन हमले लगातार तेज हुए हैं, जिससे सीमा से दूर के इलाके भी संघर्ष की चपेट में आ रहे हैं। इसी बीच रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसने शुक्रवार रात यूक्रेन के 660 ड्रोन मार गिराए, जिन्हें रूस के विभिन्न क्षेत्रों, कब्जे वाले क्रीमिया और आजोव व ब्लैक सी के ऊपर इंटरसेप्ट किया गया। इसे युद्ध शुरू होने के बाद रूस पर हुए सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक माना जा रहा है।
रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार इस हमले की चपेट में 12 रूसी क्षेत्र आए थे। इस हमले को रोकते हुए रूस ने यूक्रेन के 660 ड्रोन मार गिराए। इस दौरान राजधानी मॉस्को की ओर बढ़ रहे 47 ड्रोन भी कथित रूप से नष्ट किए गए है। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने कहा कि शहर में किसी तरह का बड़ा नुकसान या जनहानि नहीं हुई। हालांकि मॉस्को के दक्षिण में स्थित तुला क्षेत्र में एक निजी मकान क्षतिग्रस्त हुआ और एक महिला घायल हो गई। क्षेत्रीय गवर्नर दिमित्री मिलियायेव ने बताया कि नोवोमोस्कोव्स्क शहर में बिजली लाइन और एक औद्योगिक परिसर को भी नुकसान पहुंचा।
रूसी स्वतंत्र मीडिया प्लेटफॉर्म एस्ट्रा ने दावा किया कि इन हमलों के दौरान नोवोमोस्कोव्स्क में एक केमिकल प्लांट और हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट में आग लग गई। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हाल के महीनों में यूक्रेन ने रूस की ऊर्जा संरचना, तेल रिफाइनरी और सप्लाई नेटवर्क को निशाना बनाना तेज किया है। इसी सप्ताह क्रीमिया के सेवास्तोपोल में बिजली आपूर्ति बाधित होने और रूस के मध्य तथा दक्षिणी हिस्सों में कई ऊर्जा सुविधाओं में आग लगने की घटनाएं सामने आई थी। इन हमलों का असर रूस की सैन्य सप्लाई और ईंधन उपलब्धता पर भी पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रोन युद्ध अब इस संघर्ष का सबसे प्रभावी हथियार बन चुका है। यूक्रेन सीमित संसाधनों के बावजूद लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता बढ़ा रहा है, जबकि रूस अपने एयर डिफेंस सिस्टम को और मजबूत करने में जुटा है। लगातार बढ़ते हवाई हमलों ने यह संकेत दिया है कि आने वाले महीनों में युद्ध और अधिक तकनीकी और रणनीतिक रूप ले सकता है। इससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा और नागरिक जीवन पर भी गहरा असर पड़ने की आशंका है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस बढ़ते संघर्ष को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है।
Updated on:
26 Jun 2026 02:14 pm
Published on:
26 Jun 2026 02:00 pm
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