सऊदी अरब ने ऊंटों के लिए आधिकारिक पासपोर्ट जारी करने की योजना घोषित की है। इससे ऊंट आबादी का बेहतर प्रबंधन, व्यापार नियंत्रण, मालिकाना अधिकारों की सुरक्षा और ऊंट उद्योग की उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
सऊदी अरब में ऊंट सदियों से जीवन, संस्कृति और समृद्धि का प्रतीक रहे हैं। परिवहन से लेकर सामाजिक प्रतिष्ठा तक, इनका विशेष स्थान रहा है। अब सऊदी सरकार ने ऊंटों के महत्व को देखते हुए उनके लिए आधिकारिक पासपोर्ट जारी करने की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य ऊंट आबादी का बेहतर प्रबंधन, मालिकाना अधिकारों की सुरक्षा और ऊंट क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ाना है।
पर्यावरण, जल और कृषि मंत्रालय (MEWA) के अनुसार यह पहल देश में ऊंटों के लिए एक भरोसेमंद राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करने में मदद करेगी। मंत्रालय द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों में हरे रंग का पासपोर्ट दिखाया गया है, जिस पर सऊदी अरब का राष्ट्रीय प्रतीक और सुनहरे रंग का ऊंट बना है। इस दस्तावेज से ऊंटों की खरीद बिक्री और परिवहन को नियंत्रित किया जाएगा, जिससे अवैध गतिविधियों पर रोक लगेगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ऊंट पासपोर्ट एक विस्तृत पहचान दस्तावेज होगा। इसमें माइक्रोचिप नंबर, पासपोर्ट नंबर, ऊंट का नाम, जन्म तिथि, नस्ल, लिंग, रंग, जन्म स्थान और जारी करने की तिथि व स्थान दर्ज होंगे। पहचान को सटीक बनाने के लिए ऊंट की दोनों ओर से तस्वीरें भी शामिल की जाएंगी। इसके साथ ही एक वैक्सीनेशन तालिका होगी, जिसमें पशु चिकित्सक के नाम, हस्ताक्षर और मुहर के साथ टीकाकरण का पूरा रिकॉर्ड दर्ज रहेगा।
सऊदी अरब में करीब 22 लाख ऊंट और लगभग 80 हजार ऊंट मालिक बताए जाते हैं। आज ऊंट एक बड़े ब्रीडिंग उद्योग का हिस्सा हैं और वार्षिक उत्सवों में होने वाली ऊंट ब्यूटी प्रतियोगिताओं में लाखों डॉलर तक की बोली लगती है। हाल के वर्षों में सरकार ने ऊंटों की सुंदरता बढ़ाने के लिए किए जाने वाले अवैध कॉस्मेटिक तरीकों पर सख्ती की है। होंठ या कूबड़ बदलने जैसी प्रक्रियाओं को प्राकृतिक सुंदरता के खिलाफ बताया गया है।