Prince Khalid Bin Salman US Meeting: सऊदी अरब के रक्षा मंत्री ने व्हाइट हाउस में अहम बैठक की है। इस बैठक में उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ईरान पर हमला नहीं करता है, तो इससे उसके हौसले बुलंद होंगे। इस मुस्लिम देश के द्वारा ईरान पर अमेरिका की कार्रवाई का समर्थन करना और उसे उकसाना मुस्लिम देशों के बीच एक बड़ा उलटफेर ला सकता है।
Saudi Arabia provoking US: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अभी चरम पर है। इस बीच हाल ही में आई एक रिपोर्ट ने चौंकानेवाला दावा किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सऊदी अरब छुपकर ईरान पर सैन्य कार्रवाई करने के लिए अमेरिका पर दबाव बना रहा है। इस वक्त सऊदी अरब पर्दे के पीछे से मुस्लिम देशों की राजनीति करना चाहता है।
हाल ही में सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान ने वाशिंगटन डीसी में एक अहम बैठक की है। इस बैठक में सऊदी के रक्षा मंत्री और अमेरिकी अधिकारियों के बीच ईरान-अमेरिका विवाद और कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रक्षा मंत्री ने अमेरिकी अधिकारियों से कहा है कि अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने द्वारा किए गए दावों पर खरे नहीं उतरते हैं और ईरान पर कोई कार्रवाई नहीं करते हैं और उसे ऐसे ही धमकियां देने देते हैं, तो ईरान के हौसले और बढ़ेंगे।
वह और मजबूत हो जाएगा और अपने लोगों को यह विश्वास दिलाने में कामयाब हो जाएगा कि अमेरिकी दबाव भी ईरान का कुछ नहीं बिगाड़ सकता। सऊदी की यह नई और बिल्कुल उलट नीति हो सकती है। हालांकि, पहले सऊदी अरब ईरान और अमेरिकी विवाद से दूरी बनाए हुए था और तनाव बढ़ने के खिलाफ चेतावनी दे रहा था।
अमेरिकी यात्रा के दौरान सऊदी रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान (KBS) ने अमेरिकी उच्च अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने अमेरिकी रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री और व्हाइट हाउस के कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की।
एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, इस अहम बैठक में मुख्य मुद्दा ईरान पर अमेरिकी हमले की संभावनाओं का था। साथ ही, यह भी चर्चा की गई कि अमेरिकी कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में क्या असर हो सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया कि बैठक में प्रिंस खालिद ने साफ कहा है कि अगर ट्रंप ईरान को लेकर अपनी धमकियों पर अमल नहीं करते, तो ईरान का मनोबल बढ़ेगा और वह ताकतवर बनकर उभरेगा। इसका सीधा अर्थ यह लगाया जा सकता है कि सऊदी अरब अमेरिका को ईरान पर सख्त कदम उठाने के संकेत दे रहा है।
सऊदी अरब का यह रुख इसलिए खास है क्योंकि सऊदी अरब ने अब तक खुले तौर पर बढ़ते तनाव का विरोध किया है। साथ ही, सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने हाल ही में हुई ट्रंप से बातचीत के वक्त भी सैन्य कार्रवाई की योजना पर चिंता जाहिर की थी, लेकिन प्रिंस खालिद के बयान ने नए संकेत दिए हैं।
बता दें, ईरान पर सैन्य कार्रवाई की धमकी के बाद तेहरान ने भी कड़ा जवाब दिया है। ईरान ने साफ कर दिया है कि अगर हमला किया गया तो बेजोड़ जवाब मिलेगा।