
लाल किले हमले पर आतंकियों का बड़ा खुलासा (Photo-X)
Red Fort Blast Linked to Gaza War: दिल्ली लाल किले के पास पिछले साल हुए ब्लास्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मामले में केंद्रीय जांच एजेंसियों को पूछताछ के दौरान एक बड़ी जानकारी हाथ लगी है। पता चला है कि हमले के पीछे काम करने वाले मॉड्यूल की योजना सिर्फ एक घटना तक सीमित नहीं थी।
हमलावरों की योजना दिल्ली और अन्य बड़े शहरों को निशाना बनाने की थी। उनका मुख्य निशाना एक अंतरराष्ट्रीय कॉफी ब्रांड के मौजूदा आउटलेट्स थे। जांच एजेंसियों को पूछताछ में पता लगा कि हमलावरों का मकसद ज्यादा से ज्यादा ध्यान खींचना था और वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विचारधारा को हाजिर करते हुए संदेश देना चाहते थे।
एजेंसियों ने पकड़े गए आठ आरोपियों से लंबी पूछताछ की। इसके बाद देशभर में बड़े हमले करने की योजना का खुलासा हुआ।
पूछताछ के दौरान पता लगा कि हमलावरों का मानना था कि एक अंतरराष्ट्रीय पहचान रखने वाले ब्रांड पर हमला करने से उनका संदेश दूर तक जाएगा। बड़े केंद्रों को निशाना बनाने से राजनीतिक और मानसिक असर ज्यादा होगा।
जांच एजेंसियों का कहना है कि हमलावरों की यह विचारधारा अचानक डेवलप नहीं हुई थी। इसके पीछे काफी समय से हमलावरों के दिमाग में पल रही कट्टर सोच और आपस में समान विचारधारा वाली बातचीत करने से बनी थी।
जांच एजेंसियों के अनुसार, हमलावर गाजा युद्ध विवाद से प्रभावित थे और दिल्ली में यहूदी संबंधित आउटलेट्स को निशाना बनाकर गाजा तक बड़ा संदेश देना चाहते थे।
वे यहूदियों के खिलाफ अपनी नफरत को जाहिर करना चाहते थे और संदेश देना चाहते थे कि अगर इजराइल गाजा पर हमला करता है, तो यहूदी यहां भी सुरक्षित नहीं हैं।
इन्हीं लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए हमलावर ऐसे आउटलेट्स को निशाना बनाना चाहते थे, जहां यहूदी बड़े पदों पर हैं या पहले रह चुके हैं, साथ ही जहां यहूदी बड़ी संख्या में काम करते हैं।
हमलावर बड़े हमलों की फिराक में थे। हालांकि बताया जा रहा है कि हमलावर उमर-उन-नबी और उसके सहयोगी आपस में सहमत नहीं थे। सहयोगियों का मानना था कि हमले की घटनाओं को जम्मू-कश्मीर स्थित सैन्य ठिकानों तक ही सीमित रखा जाए, लेकिन नबी कुछ बड़ा करना चाहता था।
वह पब्लिक प्लेस को निशाना बनाकर बड़ी संख्या में लोगों को मारना चाहता था। बता दें, हमलावर नबी वही व्यक्ति था जो दिल्ली कार ब्लास्ट में सुसाइड बॉम्बर था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच अब एनआईए को सौंप दी गई है। अब तक तीन डॉक्टरों समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एजेंसियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।
Published on:
31 Jan 2026 04:57 pm
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