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सऊदी में अरामको फैसिलिटी में आग, ईरान समर्थित हूतियों पर शक, रियाद ने नहीं की हमले की पुष्टि

Saudi Aramco Fire: सऊदी अरब के जजान में स्थित अरामको तेल रिफाइनरी में रविवार सुबह अचानक आग लग गई। सुरक्षा टीमों ने आग पर काबू पा लिया है। ऊर्जा मंत्रालय का कहना है कि हादसे में कोई घायल नहीं हुआ है।
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Aug 09, 2026
Saudi Energy Ministry, Jubail Explosion, Yemen Houthi Attack
सऊदी में अरामको फैसिलिटी में आग | फोटो सोर्स- ANI

Yemen Houthi Attack: सऊदी अरब के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र जजान में स्थित तेल कंपनी 'सऊदी अरामको' के एक बड़े रिफाइनरी केंद्र में रविवार सुबह अचानक आग लग गई। आग लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन कंपनी की सुरक्षा और फायर ब्रिगेड की टीमों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए समय रहते आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय के आधिकारिक बयानों के मुताबिक इस पूरे हादसे में किसी भी तरह की जनहानि या किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है।

सोशल मीडिया पर सऊदी ऊर्जा मंत्रालय का बयान

सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि आग जजान स्थित अरामको रिफाइनरी के एक हिस्से में लगी थी। घटना के तुरंत बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और फिर आग पर काबू पा लिया गया। फिलहाल सरकारी एजेंसियां और अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और इस बात की जांच कर रहे हैं कि आग आखिर लगी कैसे। प्रशासन ने अभी तक आग लगने की असली वजह का खुलासा नहीं किया है।

जुबैल में तेज धमाका और हूती हमले की आशंका

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब क्षेत्रीय मीडिया में सऊदी अरब के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाए जाने की खबरें आ रही हैं। कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि सऊदी के जुबैल शहर में भी एक जोरदार धमाके की आवाज सुनी गई थी और वहां एक गैस प्लांट में आग लगने की बात कही जा रही है।
दूसरी तरफ यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने हाल ही में जजान और यानबू में अरामको सुविधाओं पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन्स से हमला करने का दावा किया था। हालांकि, सऊदी सरकार ने अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है कि जजान में लगी यह आग किसी हूती हमले की वजह से लगी है या यह सिर्फ एक सामान्य हादसा था।

जजान केंद्र क्यों है इतना खास?

सऊदी अरब के लिए जजान का यह तेल केंद्र बहुत मायने रखता है। क्योंकि यह यमन सीमा के पास लाल सागर के तट पर स्थित एक विशाल पेट्रोकेमिकल और रिफाइनरी हब है। सऊदी अरब के पूर्वी हिस्सों में बनने वाला तेल इसी रास्ते से दूसरे देशों में भेजा जाता है। यही वजह है कि इस इलाके की सुरक्षा सऊदी अरब के लिए बहुत जरूरी है।

बढ़ते क्षेत्रीय तनाव और 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौता'

मिडिल ईस्ट में पिछले कुछ समय से माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है। हाल ही में यमन के हूती समूह ने लाल सागर में नौसैनिक नाकाबंदी का ऐलान किया था, जिसके बाद से इलाके में हलचल तेज हो गई है। इसी बीच शुक्रवार को ही पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच "मक्का संयुक्त रक्षा समझौता" हुआ था। इस समझौते के तहत तीनों देशों ने तय किया है कि अगर इनमें से किसी भी एक देश पर कोई हमला होता है, तो उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा और वे मिलकर उसका जवाब देंगे।

Updated on:
09 Aug 2026 10:19 am
Published on:
09 Aug 2026 10:10 am