
Saudi Houthi War: सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष एक बार फिर बेहद गंभीर और निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। हाल के दिनों में दोनों पक्षों की ओर से हमलों में भारी तेजी आई है, जिसने पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है।
सऊदी अरब ने हूतियों की राजधानी सना में उनके तेल के ठिकानों पर बड़े हमले किए। वहीं दूसरी तरफ हूतियों ने भी सऊदी अरामको के मुख्यालय को निशाना बनाने के साथ रियाद पर मिसाइलें दागी। इस बीच सऊदी प्रिंस मोहम्मद बिल सलमान ने बुधवार को कैबिनेट की बैठक करते हुए हूतियों को कड़ा अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है।
सऊदी की ओर से हमलों में अब तक 950 हूती लड़ाकों की मौत होने का दावा किया गया है। हूतियों ने सऊदी के पूर्वी शहर धहरान में तेल कंपनी अरामको के ठिकाने पर भी बड़ा मिसाइल हमला किया। बताते चलें कि भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी कर सऊदी अरब में भारतीय नागरिकों से शांत रहने और सतर्कता बरतने को कहा है।
हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाकर घातक मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इस हमले में 13 लोगों की मौत हुई और 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिसे पिछले एक दशक में सऊदी पर हुआ सबसे भीषण हमला माना जा रहा है। हमलों के कारण उड़ानें ठप हैं और स्कूल ऑनलाइन मोड पर शिफ्ट कर दिए गए हैं।
सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने इस हमले को युद्ध अपराध बताते हुए यमन की राजधानी साना में हूतियों के रणनीतिक तेल डिपो और सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ एयरस्ट्राइक की हैं। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि वे हूतियों को इसका "उतना ही कड़ा और निर्णायक" जवाब देंगे।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हूतियों के मिसाइल खतरों को देखते हुए क्राउन प्रिंस MBS की सुरक्षा बेहद सख्त कर दी गई है और उन्हें बंकरों से लैस सुरक्षित शाही महलों में ट्रांसफर किया गया है। हालांकि, उन्होंने हाल ही में कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता कर हूतियों को कड़ा संदेश भी दिया है।
प्रिंस सलमान इस खतरे से निपटने के लिए वैश्विक और क्षेत्रीय शक्तियों को एकजुट करने में जुटे हैं।
MBS ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से हूतियों के खिलाफ सीधे हवाई हमलों की मांग की थी। हालांकि अमेरिका सीधे युद्ध में शामिल होने से बच रहा है, लेकिन वह सऊदी अरब को इंटेलिजेंस शेयरिंग (खुफिया जानकारी) और टारगेट असिस्टेंस मुहैया करा रहा है। सऊदी अरब ने पाकिस्तान और तुर्की के साथ मिलकर त्रिपक्षीय रक्षा समझौता मजबूत किया है। पाकिस्तान ने संकट की स्थिति में सऊदी अरब को हर संभव सैन्य मदद देने का भरोसा दिया है।