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SpaceX Starship: एलन मस्क के रॉकेट ने मचाया तहलका! ‘वॉटर ब्लास्ट’ का वीडियो वायरल, बड़े मिशन की तैयारी शुरू

Starship Flight 12:स्पेसएक्स के स्टारशिप रॉकेट का नया 'वॉटर डेल्यूज' टेस्ट देखकर दुनिया हैरान है। एलन मस्क की कंपनी अब अगले बड़े मंगल मिशन की तैयारी में जुट गई है।

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Feb 18, 2026
एलन मस्क ने लॉन्च से पहले बड़ा टेस्ट किया। (फोटो: Washington Post)

Water Deluge System : हमेशा कुछ न कुछ नया कर सुर्खियां बटोरने वाले एलन मस्क (Elon Musk)के रॉकेट ने तहलका मचाया या है। स्पेसएक्स के स्टारशिप रॉकेट (SpaceX Starship) को लेकर चर्चाओं का बाजार एक बार फिर गर्म है, लेकिन इस बार वजह कोई उड़ान नहीं, बल्कि जमीन पर हुआ एक जोरदार धमाका है। टेक्सास स्थित स्टारबेस (Starbase Texas) पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें धुएं और पानी का एक विशाल गुबार (Water Deluge System)दिखाई दे रहा है। पहली नजर में यह किसी भयानक विस्फोट जैसा लगा, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। यह स्टारशिप के अगले बड़े मिशन के लिए एक खास तरह का टेस्ट था।

क्या है वायरल वीडियो का सच? (Water Deluge System)

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में बोका चीका (टेक्सास) स्थित लॉन्च पैड से पानी की तेज बौछारें निकलती हुई दिखाई दे रही हैं। यह SpaceX के अपग्रेडेड 'वॉटर डेल्यूज सिस्टम' (Water Deluge System) का फुल-स्केल टेस्ट था। आसान भाषा में समझें तो यह एक विशालकाय 'वॉटर शावर' है, जिसे लॉन्च पैड की सुरक्षा के लिए बनाया गया है। जब स्टारशिप के सुपर हेवी बूस्टर के 33 रैप्टर इंजन एक साथ चालू होते हैं, तो वहां इतनी गर्मी और दबाव पैदा होता है कि कंक्रीट का पैड भी पिघल सकता है।

क्यों जरूरी है यह 'पानी का कवच'? (Water shield)

पुराने लॉन्च के दौरान रॉकेट की ताकत ने लॉन्च पैड को भारी नुकसान पहुंचाया था। इसी से बचने के लिए कंपनी ने पैड 2 पर यह नया सिस्टम लगाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस सिस्टम से लॉन्च के दौरान करीब 3.5 लाख गैलन पानी छोड़ा जाता है। यह पानी रॉकेट से निकलने वाली 1.7 करोड़ पाउंड की थ्रस्ट (ताकत) और भीषण गर्मी सोख लेता है, जिससे लॉन्च माउंट सुरक्षित रहता है। हालिया टेस्ट में यह सिस्टम पूरी तरह सफल रहा और इसने एक कृत्रिम बारिश जैसा माहौल बना दिया।

ऐसा लगा जैसे कोई ज्वालामुखी फट गया हो ( Science fiction)


सोशल मीडिया पर इस वीडियो को देख कर लोग हैरान रह गए। कई यूजर्स ने इसे किसी साइंस-फिक्शन फिल्म का सीन बताया। एक यूजर ने लिखा, "ऐसा लगा जैसे कोई ज्वालामुखी फट गया हो, लेकिन यह तो सिर्फ पानी है!" वहीं, स्पेस एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह टेस्ट बताता है कि ग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर अब अगली उड़ान के लिए पूरी तरह तैयार है।

अब सबकी निगाहें 'फ्लाइट 12' पर

इस सफल टेस्ट के बाद अब सबकी निगाहें 'फ्लाइट 12' (Flight 12) पर टिकी हुई हैं। एलन मस्क के अनुसार, स्टारशिप की अगली टेस्ट फ्लाइट मार्च 2026 की शुरुआत में हो सकती है। इस मिशन में बूस्टर 19 और शिप 39 का इस्तेमाल किया जाएगा, जो स्टारशिप का नया 'ब्लॉक 3' वर्जन है। इसमें नए रैप्टर V3 इंजन लगे हैं जो पहले से ज्यादा शक्तिशाली और कुशल हैं।

स्टारलिंक V3 सैटेलाइट्स को भी ऑर्बिट में पहुँचाने के लिए डिजाइन किया

यह टेस्ट सिर्फ रॉकेट उड़ाने तक सीमित नहीं है। इसका सीधा कनेक्शन नासा (NASA) के आर्टिमिस प्रोग्राम और मंगल मिशन से है। स्टारशिप का यह नया वर्जन भविष्य में भारी सैटेलाइट्स और इंसानों को मंगल ग्रह तक ले जाने में सक्षम होगा। साथ ही, यह सिस्टम स्टारलिंक V3 सैटेलाइट्स को भी ऑर्बिट में पहुंचाने के लिए डिजाइन किया गया है।

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