
SCO Group Photo: शंघाई सहयोग संगठन यानी एससीओ के शिखर सम्मेलन की एक ग्रुप फोटो को लेकर पाकिस्तान चर्चा में है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के कार्यालय ने मंगलवार को एक ऐसी तस्वीर साझा की, जिसमें शरीफ को बीच में रखा गया। वहीं, मूल तस्वीर में मौजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं को तस्वीर से हटा दिया गया।
यह तस्वीर किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में हुए 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन से पहले ली गई थी। मूल तस्वीर में संगठन के सदस्य देशों के प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारी एक साथ खड़े नजर आ रहे थे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से साझा की गई तस्वीर में इन नेताओं में से कई को क्रॉप कर दिया गया।
मूल ग्रुप फोटो में बाएं से एससीओ के महासचिव नुरलान येरमेकेबायेव, बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान, कजाखस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर जापारोव, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन, उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव और एससीओ क्षेत्रीय आतंकवाद रोधी ढांचे के प्रमुख उलारबेक शारशीव शामिल थे।
लेकिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने जो तस्वीर साझा की, उसमें केवल शी जिनपिंग, सदिर जापारोव, व्लादिमीर पुतिन, शहबाज शरीफ, इमोमाली रहमोन, शौकत मिर्जियोयेव और उलारबेक शारशीव नजर आए। इस तरह साझा की गई तस्वीर में शहबाज शरीफ बीच में दिखाई दे रहे हैं। वहीं, मूल तस्वीर में उनके आसपास मौजूद कई दूसरे नेताओं को हटा दिया गया है। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हैं।
तस्वीर में की गई इस क्रॉपिंग की वजह से सोशल मीडिया पर भी इसकी चर्चा होने लगी। मूल तस्वीर और पाकिस्तान की ओर से साझा की गई तस्वीर में साफ अंतर नजर आता है।
हालांकि, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने तस्वीर को साझा करते समय इस बदलाव को लेकर कोई अलग जानकारी नहीं दी। तस्वीर में शहबाज शरीफ को केंद्र में रखते हुए कुछ प्रमुख नेताओं को उनके आसपास रखा गया है।
26वां एससीओ शिखर सम्मेलन क्षेत्रीय सहयोग, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और वैश्विक चुनौतियों पर केंद्रित था। इस बार सम्मेलन का आयोजन संगठन की 25वीं वर्षगांठ के मौके पर किया गया। बैठक में सदस्य देशों के साथ साझेदार और पर्यवेक्षक देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर कार्रवाई करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर किसी भी तरह का दोहरा रवैया नहीं होना चाहिए। मोदी ने आतंकवाद के पूरे तंत्र को खत्म करने की बात कही। इसमें आतंकवाद के लिए पैसा जुटाना, लोगों की भर्ती करना, कट्टरपंथ फैलाना और आतंकियों को सुरक्षित ठिकाना देना शामिल है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जो देश आतंकवाद को अपनी नीति के एक साधन के तौर पर इस्तेमाल करते हैं या आतंकियों को पनाह और समर्थन देते हैं उन्हें कड़ा संदेश दिया जाना चाहिए। मोदी ने क्षेत्र में सुरक्षा, संपर्क और आर्थिक अवसरों को बढ़ाने के लिए ज्यादा सहयोग की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने विवादों के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति को आगे बढ़ाने की बात कही।