
Pakistan Terrorist Shahzad Bhatti: भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रच रहे शहजाद भट्टी के नेटवर्क पर सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई की है। अब तक करीब 700 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद नेटवर्क फिर से पैर जमाने की कोशिश में है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस बार युवाओं को अपने जाल में फंसाने के लिए धार्मिक भावनाओं, पैसों और विदेश में आलीशान जिंदगी के सपने का सहारा लिया जा रहा है। खुफिया एजेंसियों के अनुसार, इंस्टाग्राम के जरिए युवाओं को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि बड़े हमलों की योजना टेलीग्राम पर तैयार की जा रही है।
खुफिया एजेंसियों के अनुसार, जब इस नेटवर्क को पहली बार खड़ा किया गया था, तब इसका मुख्य आधार पैसा और लग्जरी लाइफस्टाइल का झांसा देना था। युवाओं को मात्र 5,000 रुपये में आपराधिक गतिविधियों के लिए तैयार किया जाता था और उन्हें भट्टी व उसके सहयोगियों की महंगी कारों और आलीशान घरों की तस्वीरें दिखाई जाती थी।
हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों के कड़े शिकंजे और 700 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी के बाद अब इस रणनीति में बदलाव किया गया है। अब भट्टी और उसके हैंडलर्स का पूरा फोकस युवाओं की धार्मिक भावनाओं को भड़काने पर है। इस बार कम पैसों (करीब 3,000 से 5,000 रुपये) का लालच देकर धार्मिक पहचान और कट्टरता के नाम पर युवाओं को मोहरा बनाया जा रहा है। साथ ही उन्हें दुबई, पाकिस्तान या नेपाल में बेहतर जिंदगी देने के फर्जी सपने दिखाए जा रहे हैं।
जांच एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स बने हुए हैं। भट्टी नेटवर्क से जुड़े इंस्टाग्राम प्रोफाइल्स के जरिए भारत के खिलाफ नफरत भरे संदेश और कट्टरपंथ फैलाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि मेटा (Meta) को ऐसे 100 से ज्यादा इंस्टाग्राम प्रोफाइल हटाने के लिए अनुरोध भेजे जा चुके हैं, लेकिन जैसे ही एक प्रोफाइल डिलीट होता है, तुरंत 50 से अधिक नए प्रोफाइल्स सामने आ जाते हैं। इसके अलावा, बड़े और गंभीर हमलों की साजिश रचने के लिए टेलीग्राम जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
खुफिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस खतरनाक नेटवर्क की जड़ें कई राज्यों तक फैली हुई हैं। पुलिस और जांच एजेंसियों ने इस मॉड्यूल को कई गंभीर वारदातों से जोड़ा है, जिनमें पंजाब में पुलिसकर्मियों पर हुए हमले, जालंधर में सीमा सुरक्षा बल (BSF) मुख्यालय के बाहर हुआ धमाका, झारखंड में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) मुख्यालय पर हुआ पेट्रोल बम हमला शामिल हैं। इसके अलावा, भीड़भाड़ वाले इलाकों में सीसीटीवी कैमरे लगाना, टारगेट किलिंग और सीमा पार से मादक पदार्थों व नकली नोटों की तस्करी जैसी गतिविधियां भी इस नेटवर्क से जुड़ी बताई गई हैं।
खुफिया एजेंसियों को यह भी पता चला है कि भट्टी नेटवर्क ने भारत में किसी बड़े आतंकी षड्यंत्र को अंजाम देने के बाद अपने गुर्गों को आसानी से देश से भगाने के लिए कई फर्जी पासपोर्ट भी तैयार करवा रखे हैं। फिलहाल, यूएपीए (UAPA) के तहत प्रतिबंधित घोषित होने के बाद शहजाद भट्टी पाकिस्तान से ऑपरेट करने के अलावा हाल के महीनों में दुबई और पुर्तगाल की यात्राएं कर चुका है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां और खुफिया तंत्र इस नेटवर्क के हर एक नए कदम पर पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि इनकी हर साजिश को समय रहते नाकाम किया जा सके।