विदेश

कैंसर और हार्ट मरीजों पर संकट, पाकिस्तान में 100 से ज्यादा दवाएं बाजार से गायब,मेडिकल इमरजेंसी जैसे हालात

Pakistan Healthcare Crisis: पाकिस्तान में 100 से ज्यादा बेहद जरूरी दवाओं की भारी किल्लत के चलते हेल्थकेयर संकट गहरा गया है। इनमें कैंसर, दिल की बीमारी और दूसरी गंभीर बीमारियों के इलाज में उपयोग होने वाली जीवन रक्षक दवाएं भी शामिल हैं।
2 min read
Jul 13, 2026
Drug Shortage Pakistan
पाकिस्तान में मेडिकल इमरजेंसी के हालात,photo- ANI

Pakistan Healthcare Crisis: पाकिस्तान में 100 से ज्यादा बेहद जरूरी दवाओं की भारी किल्लत के चलते हेल्थकेयर संकट गहरा गया है। इनमें कैंसर, दिल की बीमारी और दूसरी गंभीर बीमारियों के इलाज में उपयोग होने वाली जीवन रक्षक दवाएं भी शामिल हैं। इसके लिए संघीय सरकार की दवाओं की बदली हुई कीमतों को मंजूरी देने में देरी होना कारण बताया जा रहा है।

ड्रग रेगुलेटरी अथॉरिटी के फैसले में देरी

मिली जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान के ड्रग रेगुलेटरी अथॉरिटी (DRAP) ने दो साल से भी पहले 'हार्डशिप कैटेगरी' (मुश्किल हालात वाली श्रेणी) की 105 दवाओं की कीमतों में बदलाव की सिफारिश की थी। यह सिफारिश तब की गई थी जब यह पाया गया कि उत्पादन लागत बढ़ने के कारण इनका निर्माण व्यावसायिक रूप से फायदेमंद नहीं रह गया था। हालांकि, ये प्रस्ताव अभी भी संघीय कैबिनेट के पास लंबित हैं, जिसके कारण उत्पादन कम हो गया है और पूरे देश में दवाओं की भारी कमी हो गई है।

ड्रग रेगुलेटरी अथॉरिटी के फैसले में देरी

मिली जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान के ड्रग रेगुलेटरी अथॉरिटी (DRAP) ने दो साल से भी पहले 'हार्डशिप कैटेगरी' (मुश्किल हालात वाली श्रेणी) की 105 दवाओं की कीमतों में बदलाव की सिफारिश की थी। यह सिफारिश तब की गई थी जब यह पाया गया कि उत्पादन लागत बढ़ने के कारण इनका निर्माण व्यावसायिक रूप से फायदेमंद नहीं रह गया था। हालांकि, ये प्रस्ताव अभी भी संघीय कैबिनेट के पास लंबित हैं, जिसके कारण उत्पादन कम हो गया है और पूरे देश में दवाओं की भारी कमी हो गई है।

नकली और घटिया दवाएं बाजार में आने की आशंका

पाकिस्तान केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के अब्दुल समद बुड्डानी ने कहा कि असली दवाओं की लगातार कमी के कारण बाजार में नकली और घटिया उत्पादों के आने का मौका बन रहा है। उन्होंने कहा कि मजबूर मरीजो को भरोसेमंद न होने वाले स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इससे दवाओं की सुरक्षा और असलियत को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।

इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों ने सरकार से 'हार्डशिप प्राइसिंग' (मुश्किल हालात वाली कीमतों) के लंबित मामलों को तुरंत मंजूरी देने का आग्रह किया है। उनका तर्क है कि और देरी होने से कमी और बढ़ेगी और हेल्थकेयर सेवाएं बाधित होंगी। पाकिस्तान फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के एक वरिष्ठ प्रतिनिधि ने कहा कि अगर निर्माता बुनियादी उत्पादन लागत भी वसूल नहीं कर पाते हैं, तो वे जरूरी दवाओं का उत्पादन जारी रखना मुश्किल है।

फार्मास्युटिकल कंपनियों में घटा उत्पादन

DRAP ने पाया कि आयातित कच्चे माल, बिजली, ईंधन, पैकेजिंग, परिवहन, श्रम, फाइनेंसिंग लागत और पाकिस्तानी रुपए की कीमत में गिरावट के कारण निर्माण खर्च काफी बढ़ गया है। फार्मास्युटिकल कंपनियों का तर्क है कि मौजूदा मूल्य निर्धारण नीति के तहत वे अब उत्पादन लागत भी वसूल नहीं पा रही हैं। इस वजह से कई निर्माताओं को या तो उत्पादन कम करना पड़ रहा है या फिर जरूरी दवाओं की आपूर्ति बंद करनी पड़ रही है।

Updated on:
13 Jul 2026 07:46 pm
Published on:
13 Jul 2026 07:46 pm