
Nepal Violence: नेपाल में सुनसरी जिले के कप्तानगंज में कांवड़ यात्रा के दौरान दो समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सुनसरी के साथ ही भारत की सीमा के नजदीक सिराहा जिले के संवेदनशील इलाकों में भी अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया है।
सिराहा के मुख्य जिला अधिकारी सुरेंद्र पौडेल ने गुरुवार दोपहर 2 बजे से आगामी आदेश तक कर्फ्यू लागू करने के निर्देश जारी किए। प्रशासन के अनुसार, जिला सुरक्षा समिति ने हालात की समीक्षा के बाद क्षेत्र में शांति व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के कारण कर्फ्यू लगाया है।
कर्फ्यू का दायरा गोलबाजार नगरपालिका-3 के कसाहा खोला से लेकर चोहरवा चौक तक तथा सैनिक चौक से रामप्रताप रामप्रसाद तमांग जनता मल्टीपल कैंपस के आसपास के इलाकों तक रखा गया है।
दो समुदायों के बीच 26 जुलाई की रात सुनसरी जिले के देवानगंज ग्रामीण नगरपालिका के कप्तानगंज क्षेत्र में हिंसा की शुरूआत हुई। क्षेत्र में दो समुदाय अपने-अपने धार्मिक आयोजनों में व्यस्त थे। एक तरफ कांवड़ यात्रा की तैयारी चल रही थी, जबकि दूसरे समुदाय का भी धार्मिक कार्यक्रम आयोजित था। इसी दौरान लाउडस्पीकर पर तेज आवाज में बज रहे संगीत और धार्मिक झंडे लगाने को लेकर विवाद शुरू हो गया।
शुरूआत में कहासुनी हुई जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गई। दोनों पक्षों के बीच जमकर पत्थर चले और मारपीट शुरू हो गई। दोनों पक्षों के लोगों ने कई स्थानों पर तोड़फोड़ और आगजनी की।
मौके पर पहुंचे सुरक्षा बलों ने चेतावनी देने के बाद उन्मादी भीड़ पर गोली चलाई। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हिंसक झड़प में 3 लोगों की मौत होने के समाचार हैं। हालांकि जिला प्रशासन ने अभी मृतकों और घायलों की संख्या का खुलासा नहीं किया है। हिंसा में कई सुरक्षाकर्मी भी घायल हुए हैं।
हिंसा के बाद नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एनएससी) की बैठक हुई। जिसमें सुनसरी हिंसा और देश में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता बनाए रखने के लिए सभी सुरक्षा एजेंसियों और संबंधित संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय करने के निर्देश दिए गए हैं।