
अमेरिका-ईरान के बीच फिर बढ़ा तनाव। अमेरिकी हमले का दृश्य। फोटो में यूएस प्रेसिडेंट ट्रंप और ईरान के सुप्रीम लीडर मोजताब खमेनेई (सोर्स: बाबा बनारस एक्स यूजर स्क्रीनशॉट और ANI)
Iran-US Conflict: अमेरिका-ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ‘अल-जजीरा’ के रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी मिसाइल हमले में ईरान के तीन जवानों की मौत हो गई। इस बात की पुष्टि खुद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने की है। ईरान की सेना ने कहा- "अमेरिकी मिसाइल हमले में उनके तीन सदस्य मारे गए हैं।"
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने इस हमले में 100 से ज्यादा मिसाइलों का इस्तेमाल किया। निशाने पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कई ठिकाने रहे। इनमें खोर्रमशहर, अबादान, बंदर-ए-महशहर, नूराबाद, बुशहर, केशम द्वीप, बंदर अब्बास, सिरिक और अहवाज शहर शामिल है।
वहीं अमेरिका के अनुसार, गोला-बारूद डिपो, मिसाइल साइट, एयर डिफेंस सिस्टम, राडार और सैन्य कमांड सेंटर को निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया कि यह कार्रवाई ईरान की ओर से अमेरिकी सैनिकों पर मिसाइल हमले की कोशिश के जवाब में की गई। अमेरिका का कहना है कि ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों को रास्ते में ही रोक दिया गया। हाल ही में तनाव को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अब जवाब देने की बारी अमेरिका की है। जरूरत पड़ने पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
अमेरिकी एयर स्ट्राइक के बाद ईरान के कई इलाकों में जोरदार धमाके सुनाई दिए। केशम द्वीप के चाह-टैंगो इलाके में एक घर मलबे में बदल गया। राहत और बचाव अभियान तुरंत शुरू किया गया। मलबे से दो बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। बताया गया कि घर में पांच लोग मौजूद थे। बाकी तीन लोगों की तलाश अभी भी जारी है।
वहीं खुज़ेस्तान प्रांत के अहवाज, अबादान, अरवंदकेनार और शादेगान में भी हमलों की खबरें सामने आईं। अहवाज में कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं। बंदर अब्बास के आसपास भी विस्फोट हुआ। लेकिन यहां से अभी तक किसी की हताहत होने की खबर सामने नहीं आई है। ऐसे में देखा जाए तो दोनों देशों के बीच बढ़ता टकराव अब पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और समुद्री व्यापार के लिए बड़ी चिंता बनता जा रहा है।
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान का रुख और कड़ा हो गया है। IRGC ने कहा कि ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ पर उसका पूरा नियंत्रण है। उसने साफ कहा कि किसी भी बाहरी ताकत को यहां दखल देने की इजाजत नहीं दी जाएगी। ईरान ने दावा किया कि अमेरिका के उकसावे में आए दो तेल टैंकर दक्षिणी हिस्से से गुजरने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान एक टैंकर में आग लग गई। इसके बाद दोनों जहाज वापस लौट गए।
IRGC ने चेतावनी दी कि अगर किसी ने हस्तक्षेप किया तो उसे भारी कीमत चुकानी होगी। ईरान ने अमेरिका का समर्थन करने वाले देशों को भी चेताया।
Updated on:
30 Jul 2026 05:28 pm
Published on:
30 Jul 2026 04:48 pm
