जिस पानी में मछलियों का खून जम सकता है, उसमें एक स्लीपर शार्क मिली है। यह स्लीपर शार्क 13 फीट की है।
अंटार्कटिका के बर्फीले पानी में शार्क का न होना एक ऐसा 'तथ्य' था जिसे दशकों से विज्ञान की किताबों में पढ़ाया जा रहा था। यह पानी इतना ठंडा होता है कि मछलियों का खून जम सकता है। ऑस्ट्रेलिया के मिंडेरू-यूडब्ल्यूए डीप-सी रिसर्च सेंटर की ओर से जारी की गई फुटेज ने इस धारणा को हमेशा के लिए बदल दिया है। वैज्ञानिकों ने साउथ शेटलैंड द्वीप समूह के पास समुद्र तल पर एक विशाल स्लीपर शार्क को तैरते हुए कैमरे में कैद किया। यह खोज इसलिए भी बड़ी है क्योंकि इसे 60 डिग्री दक्षिण अक्षांश रेखा के नीचे देखा गया है, जो अंटार्कटिका की आधिकारिक सीमा मानी जाती है।
यह शार्क 490 मीटर की गहराई पर मिली, जहाँ पानी की एक विशेष परत ऊपर और नीचे की परतों की तुलना में थोड़ी 'गर्म' थी। इसकी लंबाई लगभग 10-13 फीट के बीच आंकी गई है। शरीर बेलनाकार है। स्लीपर शार्क अपनी धीमी गति के लिए जानी जाती हैं। यह गहरे समुद्र में मृत व्हेल या विशाल स्क्विड के अवशेषों को खाकर जीवित रहती है।
अंटार्कटिका में रिसर्च कैमरे केवल गर्मियों (दिसंबर-फरवरी) में ही काम करते हैं, इसलिए संभव है कि स्लीपर शार्क यहाँ सदियों से थी लेकिन कभी देखी नहीं गई। दूसरी थ्योरी यह है कि बढ़ते वैश्विक तापमान के कारण समुद्र का पानी गर्म हो रहा है, जिससे ऐसे जीव भोजन की तलाश में दक्षिण की ओर बढ़ रहे हैं।