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सॉफ्टवेयर कंपनियों को एआई की वजह से हो रहा भारी नुकसान, चीन और साउथ कोरिया ने इसे बताया खतरनाक

चीन और साउथ कोरिया ने एआई के खतरे के बारे में दुनिया को चेताया है। क्या है पूरा मामला? आइए जानते हैं।
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Feb 09, 2026
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AI tools (Representational Photo)

एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI – Artificial Intelligence) का दुनियाभर में इस्तेमाल बढ़ता ही जा रहा है। एआई के कई फायदे हैं, लेकिन इसके नुकसान भी कम नहीं हैं। पिछले सप्ताह पर गौर करें, तो वैश्विक सॉफ्टवेयर कंपनियों ने एआई टूल्स के कारण बाजार मूल्य में एक ट्रिलियन डॉलर से ज़्यादा का नुकसान झेला है।

एआई टूल्स बने चिंता का विषय

एंथ्रोपिक के क्लॉड कोवर्क जैसे एआई टूल्स ने निवेशकों में चिंता पैदा कर दी है। इससे पारंपरिक सॉफ्टवेयर का प्रतिस्थापन हो सकता है। एसएंडपी 500 सॉफ्टवेयर इंडेक्स में 4.6% की गिरावट आई, जिससे जनवरी 28 से लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर का बाजार मूल्य गिर गया।

किन कंपनियों पर हुआ सबसे ज़्यादा असर?

एआई टूल्स की वजह से सर्विसनाउ, सेल्सफोर्स, माइक्रोसॉफ्ट और ओरेकल जैसी कंपनियाँ सबसे ज़्यादा प्रभावित हुई हैं। एआई के तेज़ विकास से निवेशक चिंतित हैं कि ये टूल्स कानूनी, विपणन और डेटा विश्लेषण जैसे कार्यों को स्वचालित कर देंगी, जिससे सॉफ्टवेयर क्षेत्र पर बड़ा असर पड़ेगा। इससे आने वाले समय में नुकसान के जारी रहने की आशंका है।

चीन और साउथ कोरिया की चेतावनी

चीन और साउथ कोरिया ने सॉफ्टवेयर कंपनियों को ओपन-सोर्स एआई एजेंट के खिलाफ चेतावनी दी है और इसे खतरनाक बताया है। दोनों देशों के अनुसार एआई पर बढ़ती निर्भरता चिंता का गंभीर विषय है जिससे भविष्य में काफी नुकसान हो सकता है। चीन ने स्पाइवेयर के रूप में एआई के इस्तेमाल पर चिंता जताई है तो साउथ कोरिया ने चाइनीज़ एआई ऐप डीपसीक को डेटा गोपनीयता चिंताओं के कारण ऐप स्टोर्स से हटा दिया है।

Updated on:
09 Feb 2026 07:17 pm
Published on:
09 Feb 2026 07:17 pm