
Hormuz Strait Issue: ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। ईरान ने कहा है कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) की सुरक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है और उसे किसी दूसरे देश के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है। ईरान ने चेतावनी दी कि बाहरी देशों की दखलअंदाजी से स्थिति और ज्यादा जटिल होगी।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा को लेकर अपनी जिम्मेदारियों से पूरी तरह वाकिफ है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, बघाई ने कहा कि ईरान इस इलाके के प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर अपनी भूमिका को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि दूसरे देशों की मौजूदगी या हस्तक्षेप से समस्याएं कम नहीं होंगी, बल्कि हालात और मुश्किल हो सकते हैं।
ईरान का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान ने बैठक की मांग की है और दोनों देशों के अधिकारी मंगलवार को दोहा में मुलाकात कर सकते हैं। हालांकि, ईरान ने इस तरह की किसी सीधी बातचीत से इनकार कर दिया। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, कतर में केवल अंतरिम समझौते को लेकर बातचीत होगी। इस चर्चा में अमेरिका सीधे तौर पर शामिल नहीं होगा।
इस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिका के साथ अंतरिम समझौते को लागू करने, जिसमें फ्रीज की गई संपत्ति को जारी करना भी शामिल है पर मध्यस्थ कतर के साथ बातचीत बुधवार को दोहा में होने की संभावना है। उन्होंने यह भी साफ किया कि अमेरिका के साथ किसी बड़े समझौते पर बातचीत शुरू होने से पहले मौजूदा अंतरिम समझौते की शर्तों को लागू करना जरूरी है। ईरान पहले पुराने समझौते से जुड़े मामलों को पूरा करना चाहता है, उसके बाद ही आगे की बातचीत पर विचार करेगा।
बघाई ने कहा कि ईरान को रियाद में खाड़ी देशों के साथ प्रस्तावित किसी नए संवाद मंच के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान और वॉशिंगटन के बीच संपर्क अभी भी राजनीतिक स्तर पर जारी है, सैन्य माध्यमों से नहीं।होर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की आपूर्ति होती है।