Strait of Hormuz Update: होर्मुज स्ट्रेट के फिर से बंद होने से कई देशों को नुकसान हो रहा है। इन देशों में अमेरिका भी शामिल है। कैसे? आइए नज़र डालते हैं।
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच तनाव की वजह से होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को फिर से बंद कर दिया है। दुनिया के कई देशों पर इसका असर पड़ रहा है और इसी वजह से इन देशों ने ईरान से होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की अपील की है। ईरान के डिप्टी रक्षा मंत्री रेज़ा तलाई निक (Reza Talaei Nik) ने कहा है कि अगर अमेरिका और इज़रायल (Israel) बात मान लेते हैं, तो होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोल दिया जाएगा। ईरान चाहता है कि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट से अपनी नाकेबंदी हटा दे और इज़रायल की तरफ से लेबनान (Lebanon) पर किए जा रहे हमले बंद कर दिए जाए। यूं तो होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते अमेरिका का तेल नहीं गुज़रता और न ही इस जलमार्ग से अमेरिका व्यापार करता, लेकिन फिर भी इसके बंद होने से अमेरिका पर भी असर पड़ रहा है।
अमेरिका को भले ही होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रने वाले तेल की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि अमेरिका खुद तेल एक्सपोर्ट करने वाला देश है। लेकिन फिर भी इसका गहरा असर पड़ रहा है और अमेरिका में ईंधन की कीमतें काफी बढ़ गई हैं। अमेरिकी लोग इसे तब महसूस करते हैं जब वो अपनी कारों में पेट्रोल भरवाते हैं। इतना ही नहीं, लोगों को इसका असर तब भी महसूस होता है जब वो सुपरमार्केट में ऐसी चीज़ें खरीदने जाते हैं जिन्हें डीज़ल से चलने वाले ट्रकों से ट्रांसपोर्ट किया जाता है, क्योंकि देश में डीज़ल की कीमत बढ़ गई हैं। ऐसे में अमेरिका में रोज़मर्रा की चीज़ों की कीमतें बढ़ गई हैं और आम लोगों को जीवन-यापन की लागत में इजाफा दिख रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने दूसरी बार अमेरिका का राष्ट्रपति बनने से पहले कहा था कि उनके कार्यकाल में ऐसा नहीं होगा लेकिन अब जब ऐसा हो रहा है तब उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा। इसी साल नवंबर में जब लोग अमेरिका में मिडटर्म चुनावों में वोट डालने जाएंगे, तो ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी को इसकी वजह से काफी नुकसान हो सकता है और उन्हें भी इसका आभास हो चुका है। इसी वजह से वह जल्द से जल्द ईरान के साथ समझौता करना चाहते हैं जिससे स्थिति में कुछ हद तक सुधार हो सके।