
Reza Talaei Nik
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच सीज़फायर जारी है, लेकिन तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों ही देशों की एक-दूसरे की शर्तों पर सहमति न बनने की वजह से शांति समझौता नहीं हो पा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की लगातार धमकियों और नाकेबंदी की वजह से ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को फिर से बंद कर दिया है। ईरान ने इसे खोलने के लिए तीन शर्तें रखी थीं, जिन्हें मानने से ट्रंप ने इनकार कर दिया है। अब इस मामले पर ईरान के डिप्टी रक्षा मंत्री रेज़ा तलाई निक (Reza Talaei Nik) ने एक बड़ी बात कह दी है।
होर्मुज स्ट्रेट के फिर से बंद होने से दुनियाभर में चिंता बढ़ गई है। कई देशों ने ईरान से इसे फिर से खोलने की अपील की है, क्योंकि दुनिया की कुल तेल सप्लाई का करीब 20-30% इसी जलमार्ग से गुज़रता है। ऐसे में इसके बंद होने से न सिर्फ तेल-गैस का संकट बढ़ेगा, बल्कि कई अन्य चीज़ों का व्यापार पर भी प्रभाव पड़ेगा। दुनिया की चिंता पर ईरान के डिप्टी रक्षा मंत्री रेज़ा ने कहा है कि उनका देश होर्मुज स्ट्रेट फिर से खोल देगा और सभी जहाजों को इस जलमार्ग से गुज़रने देगा अगर अमेरिका और इज़रायल (Israel) बात मान लेते हैं। ईरान चाहता है कि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट से अपनी नाकेबंदी हटा दे और इज़रायल की तरफ से लेबनान (Lebanon) पर किए जा रहे हमले बंद कर दिए जाए।
ईरान ने साफ कर दिया है कि होर्मुज स्ट्रेट को तभी पूरी तरह से खोला जाएगा, जब अमेरिका अपनी नाकेबंदी को हटाने का फैसला लेता है। हालांकि ट्रंप इसके पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा है कि नाकेबंदी तब तक जारी रहेगी, जब तक ईरान होर्मुज स्ट्रेट को फिर से नहीं खोलता। ईरान पर दबाव बनाने के लिए ऐसा किया जा रहा है, लेकिन इसका फायदा नहीं हो रहा है। दोनों देशों के बीच शांति-समझौता नहीं होने का यह एक बड़ा कारण है।
Updated on:
29 Apr 2026 10:54 am
Published on:
29 Apr 2026 10:49 am
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