
अमेरिका और ईरान का तनाव अब फिर से युद्ध में तब्दील हो गया है। अमेरिका ने मंगलवार को ईरान के कई ठिकानों को निशाना बनाया है। वहीं, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की है।
इस बीच, ईरान ने साफ कहा है कि अमेरिका की किसी भी आक्रामकता या दबाव से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज नहीं खुलेगा। ईरान सेना ने कहा है कि युद्ध, बुराई या अमेरिकी आक्रामकता से यह रणनीतिक जलमार्ग कभी नहीं खुलेगा।
ईरानी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरामिनिया ने तस्नीम न्यूज एजेंसी को दिए बयान में जोर देकर कहा कि ईरान अपने इस अहम जलमार्ग पर किसी भी हालत में समझौता नहीं करेगा।
जनरल अकरामिनिया ने कहा कि ईरानी सशस्त्र बल इस स्ट्रेट पर अपनी पकड़ मजबूत रखेंगे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ईरानी लोगों के अधिकारों का सम्मान ही इस जलमार्ग को खोलने का एकमात्र रास्ता है। ईरान इस बात पर अड़ा है कि कोई भी बाहरी ताकत उसे मजबूर नहीं कर सकती।
यह बयान ऐसे समय आया है जब मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है। अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के साथ ईरान के रिश्ते पहले से ही खराब चल रहे हैं। ईरान का कहना है कि वह अपनी संप्रभुता और लोगों के हितों की रक्षा के लिए हर कदम उठाएगा।
जनरल अकरामिनिया ने यह भी कहा- हम शहीदों के खून का बदला लेकर रहेंगे हैं, हम इस्लामिक क्रांति के शहीद लीडर अली अयातुल्ला खामेनेई को मारने वाले को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे।
दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल सप्लाई के लिए स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर निर्भर है। यह जलमार्ग फारस की खाड़ी को खुली समुद्र से जोड़ता है। यहां से रोजाना लाखों बैरल तेल गुजरता है। अगर यह रास्ता बंद हो जाए तो पूरी दुनिया में तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं।
ईरान कई बार पहले भी चेतावनी दे चुका है कि अगर उसे खतरा महसूस हुआ तो वह इस जलमार्ग को बंद कर सकता है। लेकिन इस बार का बयान और भी मजबूत है। ईरान खुद को क्षेत्रीय ताकत मानता है और किसी भी विदेशी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करना चाहता।