World War III: सीरिया में इन दिनों हालात बेहद खराब हो चुके हैं। राष्ट्रपति बशर अल असद (Bashar Al Assad) देश छोड़कर रूस भाग चुके हैं। विद्रोही गुट का पूरे सीरिया पर कब्जा हो चुका है।
World War III: अमेरिका, ईरान, इजरायल और रूस इन चारों देश के लिए सीरिया एक बेहद अहम राष्ट्र है। रूस और ईरान सीरिया के दोस्त देश में गिने जाते हैं। सीरिया (Syria Civil War) में विद्रोही लड़ाकों के कब्जे का बाद अब जो हालात बन रहे हैं, जानकार उसे तूफान आने के पहले की शांति बता रहे हैं। विश्व के प्रमुख रणनीतिकार और रेड टीम थिंकिंग के सीईओ ब्राइस हॉफमैन ने विश्व की प्रतिष्ठित पत्रिका फोर्ब्स (Forbes) में एक लेख लिखा है जिनके मुताबिक सीरिया में असद सरकार का पतन बढ़ते वैश्विक संघर्षों को उजागर करता है और एक बड़ा सच उजागर करता है कि तीसरा विश्व युद्ध शुरू हो चुका है।
हॉफमैन ने कहा कि जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी के सीईओ जेमी डिमन ने इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फाइनेंस में उन्होंने कहा था कि तीसरा विश्व युद्ध शुरू हो चुका है। दुनिया में पहले से ही कई देशों में जमीनी लड़ाईयां छिड़ी हुई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक सीरिया में रूस समर्थित असद सरकार की हार इस बात को चरितार्थ कर रही है। 2015 में अगर रूस सीरिया का साथ ना देता तो विद्रोही गुट तभी असद सरकार को सत्ता से बेदखल कर चुके होते। रूस और ईरान ने सीरिया को वित्तीय सहायता के अलावा एक सामरिक सहयोग भी दिया है, इसलिए सीरिया की सरकार तब इन विद्रोहियों के सामने टिक सकी थी।
इस संघर्ष का असर ये हुआ कि सीरिया में एक अस्थिर तानाशाही को बढ़ावा दिया गया, जिसके चलते सीरिया में हजारों लोगों की हत्याएं हुईं, लाखों नागरिक अपनी जान बचाने को सुरक्षित आसरे के लिए अवैध तरीके से दूसरे देशों की तरफ चले गए। वहां भी उन्हे जिंदगी और मौत के बीच लडा़ई लड़नी पड़ रही है।
ब्राइस हॉफमैन की इस रिपोर्ट के मुताबिक तीसरा विश्व युद्ध शुरू हो चुका है। इसलिए नहीं कि, संयुक्त राज्य अमेरिका रूस या चीन के साथ युद्ध के कगार पर है (हालांकि ऐसा अभी भी हो सकता है)। बल्कि इसलिए कि सीरिया जैसे देश के संघर्ष में विश्व की प्रमुख शक्तियां अब सीधे या प्रॉक्सी के जरिए शामिल हो रही हैं।
सीरिया की सरकार के हारने से रूस और ईरान भी बौखलाए बैठे हैं, उधर अमेरिका और इजरायल विद्रोही गुट के साथ संबंध बनाने को अपनी हामी भर चुके हैं। सिर्फ इतना ही नहीं अमेरिका और इजरायल सीरिया में बमबारी कर रहे हैं जिसका लक्ष्य सीरिया में हथियारों और सैन्य बेस कैंप्स को नष्ट करना है साथ ही ISIS जैसे चरमपंथी गुटों को तबाह करना है। ISIS के मुद्दे को छोड़कर बाकी सब तो रूस और ईरान के मन के खिलाफ है, ऐसे में अमेरिका और इजरायल के सीरिया के मुद्दे में कूदने पर ये दोनों देश भी चुप बैठे ऐसा होता मुश्किल दिखाई दे रहा है।
लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस में प्रोफेसर डेविड स्टीवेंसन के मुताबिक तीसरा विश्व युद्ध शुरू हो चुका है ऐसा अभी नहीं कहा जा सकता लेकिन अब इसका खतरा ज्यादा बढ़ गया है। सीरिया में जो हालात हैं, यहां के गृहयुद्ध में अमेरिका, इजरायल, रूस और ईरान के किए गए दखल ने अब स्थिति को एक गंभीर मोड़ पर ला दिया है। सीरिया से भले ही राष्ट्रपति असद भागकर रूस में छिप गए हों और वहां पर विद्रोहियों ने अपनी विजय घोषित कर ली हो, लेकिन अब रूस ईरान के साथ मिलकर सीरिया पर पलटवार कर सकता है जिसके गंभीर नतीजे देखने को मिल सकते हैं, फिर भी इसे सीधे तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत कहना ठीक नहीं होगा। फिलहाल के घटनाक्रमों को देखते हुए ये कहना ठीक हो सकता है कि सीरिया अंतरराष्ट्रीय राजनीति और संघर्ष का एक जटिल और संवेदनशील मुद्दा बन चुके है