
USA Israel Airstrike on Syria after President Bashar Al Assad refuge in Russia
Syria Civil War: सीरिया में विद्रोही गुटों ने मात्र 13 दिनों के भीतर असद परिवार के 50 साल की सत्ता का तख्तापलट कर डाला। 12 साल से चले इस गृहयुद्ध का नतीजा अब ये निकल रहा है कि सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद (Bashar Al Assad) देश छोड़कर रूस में शरण ले चुके हैं। असद के साथ उनका पूरा परिवार भी है। उधर अमेरिका ने बीती आधी रात के बाद से सीरिया में बमबारी शुरू कर दी है। सिर्फ अमेरिका (USA) ही नहीं अब इजरायल ने भी सीरिया में एयरस्ट्राइक शुरू कर दी है। ये फैसला बेंजामिन नेतन्याहू (Banjamin Netanyahu) ने अमेरिका की बमबारी के बाद लिया है।
सीरिया पर विद्रोही गुट के कब्जे के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) ने बयान जारी किया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि अल-असद के शासन का पतन "न्याय का मौलिक कार्य" है। इस शासन का पतन सीरियाई लोगों के लिए अपने राष्ट्र के पुनर्निर्माण के लिए ऐतिहासिक मौका है जिसे लोगों को फायदा उठाना चाहिए। बाइडेन ने अमेरिका के सीरिया की नई होने वाली सरकार के साथ मिलकर काम करने को भी कहा।
जो बाइडेन ने ये भी कहा कि असद के सत्ता से हटने से इस्लामिक चरमपंथ फिर से उभर सकता है लेकिन अमेरिका ऐसा होने नहीं देगा। जा बाइडेन की इस बयान के बाद ही रात होते-होते अमेरिका ने सीरिया पर एयरस्ट्राइक शुरू कर दी। अमेरिका ने ये हमले सेंट्रल सीरिया में इस्लामिक स्टेट यानी ISIS आतंकियों के दर्जनों ठिकानों पर किए हैं। सीरिया में 900 अमेरिकी सैनिक काम कर रहे हैं।
अमेरिका के हमलों के बीच इजरायल के भी सीरिया में एयरस्ट्राइक की खबर आई। इजरायल ने दक्षिणी सीरिया के दारारा और सुवेदा इलाकों में कई एयरस्ट्राइक की है। इसके अलावा सीरिया-इज़रायल सीमा और राजधानी दमिश्क के पास मेज़ेह एयरबेस पर भी अटैक किया। य़े अटैक सुवेदाम में खालखाला एयरबेस को निशाना बनाते हुए किया गया है।
दा टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल ने सीरिया में किए हवाई हमलों में घातक हथियारों के बेस को ही नष्ट कर दिया। रिपोर्ट का कहना है कि ये हमले इजरायल ने इसलिए किए क्योंकि इजरायल को डर था कि कहीं ये हथियार असद के पतन के बाद गलत हाथों यानी ISIS जैसे चरमपंथी समूहों के हाथ ना लग जाएं। इजरायल के रक्षा सूत्रों का हवाला देते हुए द टाइम्स ऑफ इजरायल ने बताया कि देश के युद्धक विमानों ने हथियारों में उन्नत मिसाइल भंडारण स्थल, वायु रक्षा प्रणालियाँ और हथियार उत्पादन सुविधाओं को नष्ट कर दिया है। इज़राइल ने शनिवार-रविवार की रात को एक रासायनिक हथियार स्थल पर भी हमला किया है।
सीरिया में असद सरकार के पतन के बाद संयुक्त राष्ट्र ने भी अपना बड़ा बयान जारी किया है। UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि 14 साल के क्रूर युद्ध और तानाशाही शासन के पतन के बाद, आज सीरिया के लोग एक स्थिर और शांतिपूर्ण भविष्य का निर्माण करने के लिए इस मौके का लाभ उठा सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत इस काम में सीरिया की मदद करेंगे।
सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद देश छोड़कर रूस की शरण में पहुंच गए हैं। रूस और ईरान सीरिया के अहम मददगार हैं। रूस की समाचार एजेंसी TASS की रिपोर्ट के मुताबिक रूस ने हमेशा सीरियाई संकट के समाधान को लेकर ही बात की है, इस संकट को सुलझाने के लिए संयुक्त राष्ट्र इस मामले में मध्यस्थता करे। रिपोर्ट ने ये भी कहा कि रूसी अधिकारी सीरिया के विद्रोही गुटों से लगातार संपर्क में हैं। जिनके नेताओं ने सीरियाई क्षेत्र में रूसी सैन्य ठिकानों और राजनयिक मिशनों की सुरक्षा की गारंटी दी है।
Published on:
09 Dec 2024 11:50 am
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