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ट्रंप की जान को था बड़ा खतरा! ईरान को होटल के फ्लोर तक की खबर, फिर चला सीक्रेट प्लान

Trump Air Force One Decoy: ईरान को अंकारा में NATO समिट के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की सटीक लोकेशन की सीक्रेट जानकारी थी। अमेरिकी अधिकारियों ने इस बात का खुलासा किया है।
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Aug 12, 2026
Air Force One Secret Operation
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की सुरक्षा के लिए डिकॉय एयरक्राफ्ट के इस्तेमाल का सीक्रेट प्लान, photo source@IANS

Donald Trump Iran Threat: ईरान को अंकारा में NATO समिट के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सही लोकेशन का पता था और उनके विमान पर मिसाइल से हमले का खतरा था। इस खुफिया जानकारी से जुड़े दो अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि अधिकारियों को ट्रंप को ले जा रहे विमान पर ‘सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल’ (surface-to-air missile) के हमले का खतरा महसूस हुआ था।

हमले से बचने का सीक्रेट प्लान

खबर है कि NATO समिट के पास कंधे से दागी जाने वाली मिसाइल (shoulder-fired missile) के साथ किसी को देखा गया था और ईरानी ऑपरेटिव्स को यह भी पता था कि ट्रंप अपने होटल की किस मंजिल पर रुके हैं। इस खुफिया जानकारी को इतना गंभीर माना गया कि सुरक्षा के लिए एक खास चाल चली गई।

राष्ट्रपति ट्रंप सबके सामने पुराने एयर फोर्स वन विमान में चढ़े, लेकिन फिर उन्हें चुपके से एयरपोर्ट से बाहर एक कैटरिंग कंटेनर में ले जाया गया और एक मिलिट्री विमान में बिठाया गया, जिससे वे तुर्की से बाहर निकले। इस बीच, असली एयर फोर्स वन विमान अमेरिकी अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों, पत्रकारों और मिलिट्री कर्मियों के साथ रवाना हुआ, जो असल में एक ‘डिकॉय’ (धोखा देने के लिए इस्तेमाल होने वाला विमान) का काम कर रहा था। बताया जाता है कि यात्रियों को खतरे की पूरी जानकारी नहीं दी गई थी।

एयर फोर्स वन विमान में आए ट्रंप

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ऑपरेशन से खतरा ट्रंप से हटकर उन लोगों पर आ गया, जो राष्ट्रपति के विमान में सवार थे। इनमें सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो, ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट और व्हाइट हाउस के वरिष्ठ सहयोगी स्टीफन मिलर और स्टीवन चेउंग शामिल थे। यात्रियों को निर्देश दिया गया था कि अंकारा से ब्रिटेन की 8 जुलाई की उड़ान के दौरान वे विमान की खिड़कियों के शेड बंद रखें। बाद में ट्रंप चुपके से एयर फोर्स वन में वापस आ गए और कैमरों के सामने उतरे, जिससे ऐसा लगा कि उन्होंने पूरी यात्रा उसी विमान में की थी।

इस सीक्रेट कार्रवाई की व्हाइट हाउस के कुछ पूर्व अधिकारियों ने आलोचना की है। उनका तर्क है कि डिकॉय एयरक्राफ्ट में सवार लोगों की सुरक्षा की जानी चाहिए थी या उन्हें जानकारी दी जानी चाहिए थी। दूसरों ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरे के समय असाधारण कदम उठाना सही हो सकता है।

Updated on:
12 Aug 2026 07:32 pm
Published on:
12 Aug 2026 07:32 pm