
Trump Energy Ceasefire: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा ऐलान करते हुए रूस और यूक्रेन के बीच 'एनर्जी सीजफायर' होने का दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि यह सीजफायर तत्काल प्रभाव से लागू होगा और रूस-यूक्रेन युद्ध में दोनों देश इस पर सहमत हो गए हैं।
ट्रंप ने दोनों पक्षों से इस सीजफायर का उल्लंघन नहीं करने की अपील की है। उनकी इस अपील को दोनों देशों के लिए संयम बरतने के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
रूस और यूक्रेन के बीच द्विपक्षीय एनर्जी सीजफायर का मतलब होगा कि दोनों देश एक-दूसरे के यहां ऊर्जा से जुड़े सभी ठिकानों पर हमले रोक दें। यानी तेल, बिजली और ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने से दोनों पक्षों को बचना होगा। दोनों देश एक-दूसरे की ऊर्जा सुविधाओं पर हमले करते रहे हैं। इसका मकसद रूस के ऊर्जा उद्योग को बाधित करना है, जिस पर वह युद्ध का खर्च उठाने के लिए निर्भर है। ऐसे में ऊर्जा ठिकानों पर हमले रुकने का असर युद्ध की दिशा और आम लोगों की जिंदगी, दोनों पर पड़ सकता है।
यह पहला मौका नहीं है जब ट्रंप ने ऐसे समझौते की बात कही हो। 14 सितंबर को ट्रंप ने कहा था कि यूक्रेन रूसी ऊर्जा ढांचे पर हमला नहीं करने पर सहमत हो गया है और रूस भी ऐसा ही करेगा। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, उस समय मॉस्को ने किसी समझौते पर सहमति नहीं दी थी। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने तब पुष्टि की थी कि यूक्रेन ऐसे समझौते के लिए तैयार है, लेकिन उन्होंने इस पर संदेह जताया था कि रूस किसी भी समझौते का पालन करना चाहता है।
ट्रंप के दावे के अनुसार, सीजफायर तत्काल प्रभाव से लागू हो चुका है और दोनों देश इस पर सहमत हैं। अब देखना यह होगा कि जमीन पर यह कितना कारगर साबित होता है और दोनों पक्ष इसका पालन कैसे करते हैं। इसी वजह से ट्रंप ने दोनों देशों से संयम बरतने और उल्लंघन न करने की अपील की है। इस ऐलान के ब्योरे और लागू होने के तरीके पर आगे और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।