Trump DC Police Takeover: डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन डीसी की पुलिस पर फेडरल नियंत्रण लागू किया है, जिसे स्थानीय प्रशासन ने असंवैधानिक बताया है।
Trump DC Police Takeover: वॉशिंगटन डीसी में एक बड़ा राजनीतिक और संवैधानिक संघर्ष सामने आया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ( Donald Trump) के नेतृत्व वाले प्रशासन ने डीसी की मेट्रोपोलिटन पुलिस पर अचानक नियंत्रण (Trump DC Police Takeover) स्थापित कर लिया, जिसे स्थानीय सरकार ने "तानाशाही" करार दिया है। डीसी के अटॉर्नी जनरल ब्रायन श्वाल्ब (General Brian Schwalb ) ने इस कदम के खिलाफ अदालत में याचिका दायर (DC Attorney General lawsuit) की है। उनका कहना है कि यह एक “असंवैधानिक और जबरदस्ती किया गया टेकओवर” है। डीसी की मेयर म्यूरियल बाउज़र ने भी ट्रंप प्रशासन की इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है। यह पहली बार है जब किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने सीधे तौर पर डीसी(Federal control of DC Police) की पुलिस व्यवस्था में हस्तक्षेप किया है।
ट्रंप प्रशासन ने सोमवार को "पब्लिक सेफ्टी इमरजेंसी" का हवाला देते हुए DEA के टेरी कोल को डीसी पुलिस का अंतरिम प्रमुख नियुक्त कर दिया। इससे पहले डीसी पुलिस की जिम्मेदारी पामेला स्मिथ के पास थी। इस नियुक्ति को लेकर विवाद शुरू हो गया, क्योंकि यह फैसला बिना डीसी सरकार की सहमति के लिया गया।
अटॉर्नी जनरल श्वाल्ब ने फैडरल कोर्ट में अर्जी लगाकर इस फैसले पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। उनका दावा है कि ट्रंप प्रशासन का यह कदम 1973 के D.C. Home Rule Act का सीधा उल्लंघन है, जिसमें स्थानीय सरकार को पुलिस पर नियंत्रण देने की बात कही गई थी।
डीसी को लेकर हमेशा से यह विवाद रहा है कि क्या वहां की स्थानीय सरकार को पूरी स्वायत्तता दी जाए। हालांकि डीसी कोई पूर्ण राज्य नहीं है, लेकिन वहां की सरकार का मानना है कि वह अपनी पुलिस व्यवस्था को खुद नियंत्रित करने के लिए सक्षम है। इस विवाद ने एक बार फिर यह मुद्दा गर्म कर दिया है।
मेयर बाउज़र ने प्रेस को बताया कि यह फैसला लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करता है और डीसी की जनता के अधिकारों पर चोट है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार को बाहर से नियंत्रित करने की कोशिश एक खतरनाक मिसाल बन सकती है।”
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह कदम सुरक्षा की दृष्टि से उठाया गया है क्योंकि हाल के समय में डीसी में अपराध दर बढ़ी है। उनके अनुसार, पुलिस विभाग में तत्काल बदलाव ज़रूरी था ताकि शहर की कानून-व्यवस्था को बेहतर किया जा सके।
इस पूरे विवाद ने एक बड़ी बहस को जन्म दे दिया है – क्या राष्ट्रपति को स्थानीय पुलिस पर सीधे अधिकार होना चाहिए? और क्या इस प्रकार का हस्तक्षेप लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है?
अब यह मामला फेडरल कोर्ट में है, और आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि राष्ट्रपति द्वारा लिया गया यह कदम टिकाऊ है या नहीं। इस मामले के फैसले से यह भी तय होगा कि डीसी जैसे विशेष क्षेत्र की प्रशासनिक स्वायत्तता को कितना सम्मान मिलेगा।
बहरहाल यह मामला केवल डीसी या ट्रंप तक सीमित नहीं है, बल्कि अमेरिका की संघीय बनावट, लोकतांत्रिक व्यवस्था और नागरिक अधिकारों को लेकर एक बड़ा सवाल बन गया है।