Iran US War Update, Trump Rejects Iran Peace Proposal: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच ईरान ने संघर्ष खत्म करने के लिए प्रस्ताव दिया है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे नाकाफी बताया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान का प्रस्ताव एक महत्वपूर्ण कदम जरूर है, लेकिन अभी यह पर्याप्त नहीं है।
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व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान की ओर से भेजे गए प्रस्ताव की समीक्षा की है। उन्होंने कहा, ''यह एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव है, लेकिन यह अभी पर्याप्त नहीं है। बातचीत जारी है, लेकिन अभी बहुत कुछ बाकी है।''
ट्रंप ने दोहराया कि ईरान को किसी भी हालत में परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने 2015 के परमाणु समझौते (JCPOA) से अमेरिका के बाहर निकलने के फैसले का भी बचाव किया और कहा कि यह कदम जरूरी था।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बार फिर ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका उसके पावर प्लांट्स, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बना सकता है। उन्होंने कहा, ''अगर वे नहीं माने, तो उनके पास न पुल बचेंगे, न बिजलीघर।''
इससे पहले ईरान ने अमेरिकी सीजफायर प्रस्ताव को खारिज करते हुए अपना 10 सूत्रीय प्लान पेश किया था। इसमें युद्ध खत्म करने के लिए कई शर्तें जैसे क्षेत्रीय संघर्ष खत्म करना, होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना, पुनर्निर्माण और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हटाना रखी गई हैं।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के 15 सूत्रीय प्रस्ताव को 'अत्यधिक मांग वाला' और अव्यावहारिक बताया है। तेहरान का कहना है कि वह केवल अपनी शर्तों के आधार पर ही किसी समझौते की दिशा में आगे बढ़ेगा।
ईरान ने हाल ही में हुए अमेरिकी पायलट के रेस्क्यू ऑपरेशन पर भी सवाल उठाए हैं और इसे संभावित 'भ्रामक ऑपरेशन' बताया है।
दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन रुख अभी भी सख्त बना हुआ है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि जल्द ही कोई समझौता हो पाएगा या नहीं। फिलहाल, यह साफ है कि दोनों पक्ष अपनी-अपनी शर्तों पर अड़े हुए हैं। आने वाले दिनों में यह तय होगा कि कूटनीति आगे बढ़ती है या संघर्ष और गहराता है।