स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में तनाव बढ़ गया है। ट्रंप के ‘देखते ही गोली मारो’ आदेश और अमेरिका के सख्त रुख से अमेरिका-ईरान टकराव और गहरा गया है। अमेरिका ने माइन हटाने का ऑपरेशन भी शुरू कर दिया है।
Strait of Hormuz: स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी नौसेना को साफ आदेश दिया गया है कि अगर कोई भी संदिग्ध जहाज समुद्र में माइन बिछाते हुए दिखे, तो बिना देर किए उसे मार गिराया जाए। इस सख्त बयान ने पहले से चल रहे तनाव को और बढ़ा दिया है। हॉर्मुज दुनिया का अहम तेल मार्ग है, जिससे वैश्विक सप्लाई प्रभावित होती है। अमेरिका ने माइन हटाने का बड़ा ऑपरेशन भी शुरू कर दिया है, जो कई महीनों तक चल सकता है।
ट्रंप ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में किसी भी संदिग्ध जहाज को बख्शा नहीं जाएगा। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका की नौसेना वहां सक्रिय है और समुद्र में बिछाई गई माइन को हटाने का काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इस ऑपरेशन को और तेज किया जाएगा और पहले से तीन गुना ज्यादा ताकत के साथ इसे जारी रखा जाएगा।
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है। यहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की सप्लाई होती है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकता है। इसी वजह से अमेरिका इस इलाके को पूरी तरह सुरक्षित रखना चाहता है।
अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि हॉर्मुज में माइन हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके लिए नौसेना के विशेष जहाज तैनात किए गए हैं। हालांकि पेंटागन ने पहले चेतावनी दी थी कि इस पूरे ऑपरेशन में कई महीने लग सकते हैं। यह प्रक्रिया छह महीने तक भी चल सकती है।
हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की घोषणा हुई थी, जिसे बाद में बढ़ा भी दिया गया। इसके बावजूद जमीन पर हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। अमेरिकी सेना ने एक और तेल टैंकर को जब्त किया है, जिस पर ईरान से जुड़ी तस्करी का आरोप है। इससे साफ है कि अमेरिका इस मामले में सख्त रुख अपनाए हुए है। इस बीच ट्रंप के बयान से साफ है कि अमेरिका किसी भी खतरे को लेकर अब और ज्यादा आक्रामक रुख अपनाएगा।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की कोशिशें भी चल रही हैं। दोनों देशों के बीच जल्द ही नई बातचीत हो सकती है। पाकिस्तान भी दोनों देशों को बातचीत की टेबल पर लाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन जमीनी हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं।