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ट्रंप का ‘नॉटी नाइस’ NATO लिस्ट विवाद, ईरान युद्ध समर्थन पर बड़ा बंटवारा, क्या टूट जाएगा NATO?

ट्रंप प्रशासन की NATO सहयोगियों पर बनाई गई 'Naughty and Nice' लिस्ट को लेकर विवाद बढ़ गया है। यह कदम ईरान युद्ध समर्थन और रक्षा सहयोग के आधार पर देशों विभाजित करता दिख रहा है।

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भारत

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Ankit Sai

Apr 23, 2026

Donald Trump at NATO

Donald Trump at NATO(AI Image- ChatGpt)

Trump-NATO List Controversy: वॉशिंगटन से एक बड़ा राजनीतिक विवाद सामने आया है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने NATO देशों को 'नॉटी और नाइस' यानी अच्छे और बुरे सहयोगियों की सूची में बांटने की तैयारी की है। यह सूची इस आधार पर बनाई गई है कि कौन देश अमेरिका की ईरान से जुड़ी सैन्य कार्रवाइयों में कितना साथ दे रहा है। इस कदम ने NATO के भीतर ही तनाव बढ़ा दिया है। कई यूरोपीय देशों में इसे अमेरिका की दबाव नीति के रूप में देखा जा रहा है, जिससे गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

जानिए लिस्ट का मकसद क्या हैं

अमेरिकी रक्षा विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इस सूची का विचार दिसंबर में अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ द्वारा दिए गए एक बयान से आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा था कि जो देश बेहतर सहयोगी होंगे, उन्हें अमेरिका से खास सुविधाएं मिल सकती हैं, जबकि जो देश अपनी जिम्मेदारियों से पीछे हटेंगे, उन्हें परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। इसी सोच के आधार पर यह 'नॉटी और नाइस' लिस्ट तैयार की गई है।

NATO में बढ़ी नाराजगी

पोलैंड और रोमानिया जैसे देश इस सूची में बेहतर स्थिति में रह सकते हैं। पोलैंड ने रक्षा खर्च बढ़ाया है और लगातार अमेरिका के साथ सैन्य सहयोग मजबूत किया है। रोमानिया ने अमेरिकी सेना को अपने एयरबेस इस्तेमाल करने की अनुमति दी है, खासकर ईरान से जुड़े ऑपरेशनों के दौरान। वहीं इस सूची को लेकर यूरोप में चिंता बढ़ गई है। एक यूरोपीय अधिकारी ने मीडिया से कहा कि अमेरिका की यह रणनीति खुद उसके लिए ही नुकसानदायक साबित हो सकती है। उनके मुताबिक, अगर अमेरिका अपने सैनिकों को हटाने या हथियारों की बिक्री सीमित करने जैसा कदम उठाता है, तो इससे उसे ही रणनीतिक नुकसान होगा। इस तरह की रैंकिंग से NATO के भीतर भरोसा कमजोर हो सकता है।

ट्रंप ने कहा मित्र देश समर्थन नहीं देते

डोनाल्ड ट्रंप ने NATO के कई देशों के रवैये पर खुलकर नाराजगी जताई है। उन्होंने हाल ही में कहा कि कई देशों ने जरूरत के समय अमेरिका का साथ नहीं दिया। उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा कि जब मदद की जरूरत थी, तब सहयोग नहीं मिला, और अब सहायता का कोई मतलब नहीं रह गया है। ट्रंप का यह भी कहना है कि अमेरिका को खुद पर ज्यादा भरोसा करना चाहिए, क्योंकि कई बार 'मित्र देश' समर्थन नहीं देते।

NATO में पुरानी खटास फिर सामने

यह विवाद कोई नया नहीं है। पहले भी ट्रंप यूरोपीय देशों से रक्षा खर्च बढ़ाने की मांग करते रहे हैं। इसके अलावा ग्रीनलैंड को लेकर उनकी टिप्पणी और अन्य कूटनीतिक बयान पहले भी NATO देशों के साथ तनाव बढ़ा चुके हैं। अब यह नई 'लिस्ट पॉलिटिक्स' एक बार फिर ट्रांसअटलांटिक रिश्तों में दरार की चर्चा तेज कर रही है।