विदेश

16 साल की नाबालिग का निकाह मस्जिद में! इमाम दोषी करार, कोर्ट ने सुनाई सजा मगर अभी नहीं जाना होगा जेल

16 Year Old Girl Marriage: अदालत ने इमाम अशरफ उस्मानी को 16 वर्षीय लड़की की शादी कराने के आरोप में 15 हफ्ते की जेल की सजा सुनाई है। मामले पर सोशल एक्टिविस्ट की तीखी प्रतिक्रिया आई है।
2 min read
Jan 21, 2026
16 Year Old Girl Marriage
ब्रिटेन की अदालत ने नाबालिग की इस्लामी शादी कराने पर इमाम को दोषी ठहराया। (Photo-X)

Imam Ashraf Usmani: ब्रिटेन की अदालत ने नॉर्थम्प्टन के एक इमाम अशरफ उस्मानी को 16 वर्षीय लड़की का इस्लामी निकाह कराने के लिए दोषी ठहराया। इस पर उन्हें 15 हफ्ते की जेल की सजा सुनाई गई, लेकिन यह सजा 12 महीने के लिए निलंबित कर दी गई। अदालत ने माना कि इसमें कोई हिंसा या जबरदस्ती नहीं हुई और लड़की अपनी मर्जी से इमाम के पास गई थी। उस्मानी ने कहा कि उन्हें 2022 में बदला गया नया कानून नहीं पता था, जिसमें इंग्लैंड और वेल्स में शादी की न्यूनतम उम्र 18 साल कर दी गई थी।

क्या है पूरा मामला?

नवंबर 2023 में नॉर्थम्पटन सेंट्रल मस्जिद में अशरफ उस्मानी ने 16 वर्षीय लड़की की इस्लामी तरीके से शादी कराई। अदालत में बताया गया कि लड़की को पहले किसी दूसरी मस्जिद में शादी की अनुमति नहीं मिली थी। इसके बाद उसने उस्मानी से संपर्क किया और उन्होंने शादी कराने की सहमति दे दी। उस्मानी ने इसके लिए 50 पाउंड फीस भी ली और शादी का प्रमाण पत्र जारी किया।

अदालत ने क्या कहा?

न्यायाधीश अखलाक उर रहमान ने कहा कि इस मामले में किसी तरह की हिंसा या दबाव नहीं था और लड़की अपनी मर्जी से गई थी। फिर भी न्यायाधीश ने माना कि शादी की न्यूनतम उम्र 18 साल हो गई है और इस कानून को तोड़ा गया है। इसलिए उस्मानी को दोषी ठहराया गया। न्यायाधीश ने कहा कि उस्मानी का रवैया “लापरवाही भरा” था और उन्हें नए कानून की जानकारी होनी चाहिए थी।

15 हफ्ते की जेल की सजा

अदालत ने उस्मानी को 15 हफ्ते की जेल की सजा सुनाई, लेकिन इसे 12 महीने के लिए निलंबित कर दिया है। अगर रिहाई के दौरान उस्मानी रिहाई की शर्तों का उल्लंघन करते हैं, तो उन्हें जेल की सजा काटनी पड़ेगी। उस्मानी के वकील ने कहा कि पिछले 20 सालों में यह पहली गलती थी। उस्मानी को कानून में हुए बदलाव की जानकारी नहीं थी। साथ ही कहा कि उस्मानी ने लड़की की उम्र जांचने के लिए पासपोर्ट भी देखा था और इसके बाद ही फॉर्म भरा और मस्जिद के रजिस्टर में सही जानकारी दर्ज की।

ब्रिटिश एक्टिविस्ट टॉमी रॉबिन्स

वहीं ब्रिटिश एक्टिविस्ट टॉमी रॉबिन्स ने फैसले की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इमाम ने अपराध कबूल किया, फिर भी उन्हें जेल नहीं भेजा गया। इस फैसले के बाद ब्रिटेन में नाबालिगों की शादी और कानून के सख्त पालन को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

Updated on:
21 Jan 2026 09:12 pm
Published on:
21 Jan 2026 09:12 pm
Also Read
View All