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Iran-US War: 2.5 मिलियन डॉलर वाला अमेरिकी ड्रोन Dive-LD ईरान के कब्जे में, तनाव के बीच सीक्रेट लीक होने का खतरा बढ़ा!

Iran War Latest Update: ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी Dive-LD अंडरवाटर ड्रोन कब्जे में लिया है। 2.5 मिलियन डॉलर वाले इस ड्रोन को IRGC ने बड़ी कामयाबी बताया है।
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Sep 09, 2026
US drone News
अमेरिकी Dive-LD अंडरवाटर ड्रोन ईरान के कब्जे में। (फोटो- X/IRGC)

ईरान ने हॉर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिका की सबसे आधुनिक अंडरवाटर ड्रोन पकड़ने का दावा किया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प (आईआरजीसी) ने इसे बड़ी कामयाबी बताया है।

ईरान सेना ने बताया कि यह Dive-LD नाम का बिना चालक वाला सबमरीन है, जो कैलिफोर्निया की कंपनी एंड्यूरिल इंडस्ट्रीज बनाती है। ईरानी मीडिया इसे अमेरिकी सेना का सबसे स्मार्ट और नई तकनीक वाला सिस्टम बता रहा है।

अमेरिका ने कहा- खराब हो चुका था ड्रोन

दिलचस्प बात यह है कि ईरान ने इसे 'इनाम' करार दिया है। हालांकि, अमेरिका ने इस दावे को ज्यादा महत्व नहीं दिया। पेंटागन ने कहा कि यह ड्रोन एक दिन पहले ही खराब हो चुका था। वह इलाके में सर्वे कर रहा था, लेकिन काम करना बंद कर चुका था।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता ने साफ कहा कि ड्रोन पानी में बेकार पड़ा हुआ था। उसमें कोई संवेदनशील डेटा या खास सोनार-राडार नहीं था। यह पुराना मॉडल था।

इसे बनाने वाली कंपनी ने भी जारी किया बयान

उधर, एंड्यूरिल कंपनी ने भी स्वीकार किया कि उनका एक Dive-LD गायब हो गया है। लेकिन उन्होंने इसे आम बात बताया। कंपनी का कहना है कि यह सिस्टम खतरनाक जगहों पर काम करने के लिए बनाया गया है, जहां खो जाना भी सामान्य है। इसका मकसद जवानों को खतरे से दूर रखना है।

यह पहले ही हजारों घंटे तक काम कर चुका है। Dive-LD करीब 5.8 मीटर लंबा और तीन टन वजन का है। यह 10 दिन तक बिना बेस लौटे काम कर सकता है और 6000 मीटर तक गहराई में जा सकता है। इसमें अलग-अलग सेंसर और सामान लगाए जा सकते हैं।

कहां होता है इस ड्रोन का इस्तेमाल?

इस ड्रोन का इस्तेमाल खुफिया जानकारी जुटाने, खदान खोजने, समुद्र तल का नक्शा बनाने और केबल-पाइपलाइन जांचने में होता है। एक ड्रोन की कीमत करीब 2.5 मिलियन डॉलर बताई जाती है। अमेरिकी नौसेना ने 2025 में इन्हें लेना शुरू किया था।

ईरान के पास पहले से अपने अंडरवाटर ड्रोन हैं, जिन्हें उसने यमन के हूती ग्रुप को भी सप्लाई किया है। अमेरिकी सिस्टम मिलने से ईरान को नई तकनीक समझने का मौका मिल सकता है। ईरानी मीडिया ने ड्रोन की तस्वीरें जारी की हैं।

Updated on:
09 Sept 2026 03:27 pm
Published on:
09 Sept 2026 03:26 pm