
Russia Ukraine Conflict: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर तेज हो गया है। शनिवार को दोनों देशों ने एक-दूसरे पर बड़े हमले किए। रूस के कब्जे वाले जापोरिज्जिया क्षेत्र में छुट्टियां मना रहे लोगों के कैंपों पर हुए यूक्रेनी हमले में 12 लोगों की मौत हो गई। वहीं, यूक्रेन के सूमी क्षेत्र में रूसी ड्रोन हमले में तीन लोगों की जान चली गई। लगातार हो रहे हमलों से युद्ध खत्म होने की उम्मीदें और कमजोर पड़ती दिख रही हैं।
रूस के आशिंक कब्जे वाले जापोरिज्जिया क्षेत्र के प्रमुख येवगेनी बालित्स्की ने बताया कि यूक्रेन के हमले में चार बच्चों समेत 12 लोगों की मौत हुई है, जबकि 19 अन्य लोग घायल हुए हैं। घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। यूक्रेन की ओर से इस हमले पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
उधर, यूक्रेन के सूमी क्षेत्र के गवर्नर ओलेह ह्रिहोरोव ने बताया कि रूसी ड्रोन ने एक नागरिक परिसर को निशाना बनाया। हमले के बाद भीषण आग लग गई। इसमें निजी डाक और कूरियर कंपनी नोवा पोश्टा के तीन ड्राइवरों की मौत हो गई। हालांकि, रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने यूक्रेनी ड्रोन के भंडारण और लॉन्च स्थल पर हमला किया था।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली है कि रूस अगले 48 घंटों में बड़ा मिसाइल हमला कर सकता है। उन्होंने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की।
यूक्रेन लंबे समय से रूस की तेल और ऊर्जा सुविधाओं पर हमले कर रहा है। इन हमलों से रूस में ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने लगी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यूक्रेन की लंबी दूरी तक मार करने वाली ड्रोन तकनीक अब रूस के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की की मंगलवार को वॉशिंगटन में मुलाकात हो सकती है। हालांकि, यूक्रेन ने इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ज़ेलेंस्की ने इतना जरूर कहा कि उनकी टीम अमेरिका के साथ बैठक की तैयारी कर रही है।
इधर, रोमानिया ने भी अपने हवाई क्षेत्र में घुसे एक ड्रोन को एफ-16 लड़ाकू विमान की मदद से मार गिराया। यह घटना यूक्रेन सीमा के पास हुई। इससे एक दिन पहले भी रोमानिया ने एक अन्य ड्रोन को नष्ट किया था। फरवरी 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद से रूस और यूक्रेन के ड्रोन कई बार नाटो देशों के हवाई क्षेत्र तक पहुंच चुके हैं। इससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।