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‘फेक न्यूज को व्हाइट हाउस में एंट्री नहीं मिलनी चाहिए’, मीडिया संस्थानों के केस पर भड़के ट्रंप

CNN, MS NOW और Politico ने व्हाइट हाउस एक्सेस को लेकर ट्रंप प्रशासन पर केस किया। ट्रंप ने कहा- फेक न्यूज को ओवल ऑफिस में एंट्री नहीं मिलनी चाहिए, यह राष्ट्रीय सुरक्षा का उल्लंघन है।
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White House press pool

व्हाइट हाउस एक्सेस को लेकर ट्रंप प्रशासन पर केस, photo source@ANI

White House Press Access: US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने CNN, MS NOW और Politico पर पलटवार किया है। इन तीनों न्यूज ऑर्गनाइजेशन ने व्हाइट हाउस से बाहर रखे जाने के कारण ट्रंप प्रशासन पर केस किया था। ट्रंप का तर्क है कि जिन आउटलेट्स पर वे झूठी या मानहानि वाली रिपोर्ट छापने का आरोप लगाते हैं, उन्हें ओवल ऑफिस में आने की इजाजत नहीं मिलनी चाहिए।

पोस्ट में ट्रंप ने की आलोचना

'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में ट्रंप ने इस केस की आलोचना की और US डिस्ट्रिक्ट जज टिमोथी केली के फ़ैसले पर सवाल उठाए। केली को ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान फेडरल बेंच में नियुक्त किया गया था। CNN, MS NOW और Politico द्वारा व्हाइट हाउस में प्रेस एक्सेस बहाल करने के लिए कोर्ट से दखल की मांग करने के बाद यह केस केली को सौंपा गया था। ट्रंप ने कहा, "जैसा कि उम्मीद थी, फेक न्यूज़ CNN, Politico… और MSNOW… ने व्हाइट हाउस और आपके प्रेसिडेंट, यानी मुझ तक पहुंचने के लिए केस किया है!"

ट्रंप बोले- फेक न्यूज से लोकतंत्र को खतरा

ट्रंप ने कहा, "दूसरे शब्दों में, बिना किसी शक के और हमेशा की तरह, हम अपील करेंगे, क्योंकि फेक न्यूज वाले लोग और पब्लिकेशन जो सिर्फ़ नकारात्मक बातें लिखते हैं, और जो अनजान 'सोर्स' के साथ झूठी और मानहानि वाली कहानियां लिखकर हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा का उल्लंघन करते हैं, उन्हें दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऑफिस में आने की इजाजत नहीं मिलनी चाहिए।"

प्रेसिडेंट ट्रंप ने कहा कि ओवल ऑफ़िस के साथ "शिष्टाचार, सम्मान और गरिमा" के साथ पेश आना चाहिए, और इन तीनों ऑर्गनाइज़ेशन पर उनके रिकॉर्ड और प्रशासन की कवरेज को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया। ट्रंप ने कहा, "फेक न्यूज लोकतंत्र के लिए खतरा है, और मैं यह पक्का करने के लिए जो भी जरूरी होगा, वह करूंगा।"

मीडिया संस्थानों ने इमरजेंसी राहत की मांग की

ये टिप्पणियां तब आईं, जब CNN, MS NOW और Politico ने सोमवार को एक संयुक्त केस दायर करके प्रशासन के उस फ़ैसले को चुनौती दी, जिसके तहत उनके पत्रकारों को व्हाइट हाउस में आने से रोक दिया गया था। ऑर्गनाइज़ेशन ने कहा कि ये पाबंदियां उनके 'फर्स्ट अमेंडमेंट' (संविधान के पहले संशोधन) अधिकारों का उल्लंघन करती हैं और उन्होंने अपने प्रेस क्रेडेंशियल बहाल करने के लिए इमरजेंसी राहत की मांग की।

यह विवाद तब और बढ़ गया, जब वीकेंड पर इन तीनों ऑर्गनाइजेशन के रिपोर्टरों को व्हाइट हाउस में घुसने से रोक दिया गया और उनके प्रेस बैज या तो डिसेबल कर दिए गए या जब्त कर लिए गए। CNN को व्हाइट हाउस टेलीविजन पूल में उसकी तय भूमिका से भी हटा दिया गया, जो प्रेसिडेंट से जुड़े कार्यक्रमों की साझा कवरेज देता है। व्हाइट हाउस ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा है कि पहला संशोधन (First Amendment) मीडिया को छापने या प्रसारित करने का अधिकार तो देता है, लेकिन यह किसी खास मीडिया संस्थान को व्हाइट हाउस का 'हार्ड पास', ब्रीफिंग रूम में सीट या प्रेस पूल में जगह मिलने की गारंटी नहीं देता।