
Russia Fuel Crisis: यूक्रेन के साथ जारी युद्ध के बीच रूस अब तेल संकट का सामना कर रहा है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने खुद माना है कि देश में पेट्रोल की कमी की समस्या बनी हुई है और इसका असर आम लोगों के साथ-साथ कारोबार पर भी पड़ रहा है।
पुतिन ने अधिकारियों के साथ हुई बैठक में कहा कि तेल की आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन की ओर से किए जा रहे ड्रोन हमलों का असर रूस के तेल ठिकानों और ऊर्जा ढांचे पर पड़ा है।
रूस में ईंधन संकट ऐसे समय आया है जब यूक्रेन ने रूस के अंदर मौजूद औद्योगिक ठिकानों और तेल सुविधाओं को निशाना बनाते हुए हमले तेज किए हैं। यूक्रेन की ओर से किए जा रहे लंबी दूरी के ड्रोन हमलों का मुख्य निशाना रूस की ऊर्जा व्यवस्था रही है। रूस का कहना है कि इन हमलों से तेल ढांचे को नुकसान पहुंचा है और इसी वजह से तेल सप्लाई प्रभावित हुई है।पुतिन ने कहा कि रूस एक मुश्किल दौर से गुजर रहा है, लेकिन उन्होंने भरोसा जताया कि देश इन चुनौतियों से बाहर निकल जाएगा।
रूस सरकार अब डीजल के निर्यात पर पूरी तरह रोक लगाने के विकल्प पर भी विचार कर रही है। पुतिन ने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा चल रही है, लेकिन कोई भी फैसला सोच-समझकर लिया जाएगा ताकि तेल कंपनियों के लिए नई समस्याएं खड़ी न हों। उन्होंने कहा, हम यहां ऐसे किसी भी कदम को रोकने के लिए इकट्ठा हुए हैं जो शायद जरूरी न हो। हमें अपने लिए और समस्याएं खड़ी नहीं करनी चाहिए। रूसी ऊर्जा मंत्रालय ने फिलहाल डीजल निर्यात पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने से बचने की सलाह दी है।
रूसी राष्ट्रपति ने बताया कि देश में पेट्रोल का भंडार पिछले साल के स्तर के करीब है। हालांकि घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए कुछ स्टॉक का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने कहा कि रूस के पास करीब 1.7 मिलियन टन पेट्रोल का भंडार है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 4 प्रतिशत कम है। पुतिन ने दावा किया कि जुलाई तक ईंधन उत्पादन जून से ज्यादा हो सकता है और तेल रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं।
पुतिन ने कहा कि तेल संकट से बचने के लिए टास्क फोर्स चौबीसों घंटे काम कर रही है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मौजूदा हालात के हिसाब से जरूरी कदम उठाए जाएं ताकि देश में ईंधन की सप्लाई बनी रहे और कीमतों पर नियंत्रण रखा जा सके। उन्होंने कृषि क्षेत्र के लिए पर्याप्त ईंधन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। पुतिन ने कहा कि खेती और फसल उत्पादन के लिए ईंधन की लगातार सप्लाई जरूरी है।