तुर्की के परिवहन मंत्रालय के अनुसार, गाम्बिया के झंडे वाले टैंकर विराट पर शनिवार को फिर से हमला किया गया, जबकि पहली बार शुक्रवार को उसे नुकसान पहुंचा था।
काला सागर में यूक्रेनी अंडरवाटर ड्रोनों ने रूस के दो तेल टैंकरों पर हमला किया। इस बात की यूक्रेनी अधिकारी ने पुष्टि की है। दोनों टैंकर रूस की शैडो फ्लीट का हिस्सा माने जाते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एसबीयू और नौसेना के संयुक्त अभियान में सी बेबी समुद्री ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि रूस की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई।
बताया जा रहा है कि दोनों तेल टैंकरों को गंभीर क्षति पहुंची है और उन्हें प्रभावी रूप से सेवा से हटा दिया गया है। दरअसल, इससे रूसी तेल परिवहन को गहरा झटका लगेगा।
तुर्की के परिवहन मंत्रालय के अनुसार, गाम्बिया के झंडे वाले टैंकर विराट पर शनिवार को फिर से हमला किया गया, जबकि पहली बार शुक्रवार को उसे नुकसान पहुंचा था। तुर्की के अधिकारियों ने बताया कि टैंकर को जलरेखा के ऊपर मामूली क्षति हुई है। यह जहाज तुर्की के तट से लगभग 50 किलोमीटर दूर था।
ट्रैकिंग डेटा से पता चला कि शुक्रवार देर रात जहाज की गति धीमी हो गई थी और वह तटरेखा की ओर मुड़ गया। वहीं, सीएनएन ने एक यूक्रेनी सुरक्षा सूत्र के हवाले से बताया कि इस हमले में एसबीयू-नौसेना के समन्वित ऑपरेशन में सी बेबी समुद्री ड्रोन शामिल थे।
तुर्की के विदेश मंत्रालय ने हमलों पर चिंता व्यक्त की, जिससे “क्षेत्र में नौवहन, जीवन, संपत्ति और पर्यावरण की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।”
शुक्रवार को एक अलग विस्फोट में रूसी कच्चे तेल से लदा एक और गाम्बियाई ध्वज वाला टैंकर कैरोस, काला सागर के पास के इलाके में गिर गया। सभी 25 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया। जब यह विस्फोट हुआ, तब कोई भी जहाज तुर्की की जलसीमा में नहीं था।