
फीफा विश्व कप (FIFA World Cup 2026) के मैचों के दौरान अमेरिका में सुरक्षा एजेंसियों ने हवाई सुरक्षा को लेकर सख्ती दिखाई है।
टूर्नामेंट शुरू होने के बाद से अब तक 700 से ज्यादा ड्रोन जब्त किए जा चुके हैं। एफबीआई ने गुरुवार को यह जानकारी दी। स्टेडियमों के आसपास बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाने वाले कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।
अमेरिका के 11 होस्ट शहरों में जहां मैच हो रहे हैं, वहां हर मैच के दिन तीन समुद्री मील के दायरे में और 3000 फीट की ऊंचाई तक किसी भी तरह के हवाई यान या ड्रोन को उड़ाने की मनाही है। सिर्फ एयर ट्रैफिक कंट्रोलर की अनुमति से ही कुछ को छूट दी जाती है।
एफबीआई की टीम स्टेडियमों के आसपास तैनात है जो अनधिकृत ड्रोन को पहचानने और उन्हें निष्क्रिय करने का काम कर रही है। फैन जोन में भी एक समुद्री मील के दायरे में और 1000 फीट ऊपर तक ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी है।
एफएए (फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन) ने कई अस्थायी उड़ान प्रतिबंध लगाए हैं। जो लोग इन नियमों को तोड़ते पकड़े जाते हैं, उन पर 1 लाख डॉलर तक का जुर्माना, आपराधिक मुकदमा और ड्रोन जब्त करने की कार्रवाई हो सकती है।
एफबीआई ने साफ कहा है कि वे सिर्फ ड्रोन नहीं पकड़ रहे बल्कि ऑपरेटरों की पहचान भी कर रहे हैं। एफएए प्रशासक ब्रायन बेडफोर्ड ने कहा कि ये जब्तियां दिखाती हैं कि सरकार उन लोगों को पहचान सकती है जो जहां नहीं जाना चाहिए वहां जा रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि अब संवेदनशील जगहों जैसे पावर प्लांट, यूटिलिटी प्लांट और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी ड्रोन प्रतिबंधों को और मजबूत करने की योजना है।
यह पहली बार नहीं है जब बड़े खेल आयोजनों में ड्रोन की समस्या आई हो। साल 2025 में बाल्टीमोर में एनएफएल प्लेऑफ मैच के दौरान एक व्यक्ति ने ड्रोन उड़ाया था। बाद में उसने रक्षा क्षेत्र का उल्लंघन करने का आरोप स्वीकार कर लिया।
एफएए के अनुसार हर महीने एयरपोर्ट के पास ड्रोन की 100 से ज्यादा घटनाएं रिपोर्ट होती हैं। विश्व कप जैसे बड़े इवेंट में भीड़ और सुरक्षा की दृष्टि से यह खतरा और गंभीर हो जाता है।
सरकार अब महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर को ड्रोन से बचाने के लिए नए नियम बनाने की सोच रही है। इसमें साइट मालिकों को ड्रोन ऑपरेशन रोकने के लिए याचिका दायर करने की अनुमति दी जा सकती है। इससे सुरक्षा और ज्यादा मजबूत होगी।
विश्व कप अभी चल रहा है और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। आम लोगों से अपील की जा रही है कि वे नियमों का पालन करें और बिना अनुमति के ड्रोन न उड़ाएं। छोटी सी गलती महंगी पड़ सकती है।