विदेश

Indian Seafarers Safety: एक हफ्ते में 3 जहाजों पर अमेरिकी हमला, भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर उठे सवाल

Oman Ship Attack: ओमान के पास एक हफ्ते में तीन जहाज अमेरिकी कार्रवाई का शिकार बने। एमटी सेट्टेबेलो हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत हो गई, जबकि भारतीय चालक दल वाले अन्य जहाजों को भी निशाना बनाया गया। भारत ने अमेरिका के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

2 min read
Jun 11, 2026
US Attack on Indian Crewed Tanker, MT Jalveer, MT Settebello, MT Marivex, Oman Ship Attack, Indian Seafarers, Strait of Hormuz,
अमेरिकी कार्रवाई के बाद ओमान की खाड़ी में क्षतिग्रस्त एमटी जलवीर टैंकर। (फोटो सोर्स - CENTCOM)

US Attack on Indian Crewed Tanker: ओमान के पास इस हफ्ते तीन अलग-अलग मालवाहक जहाज अमेरिकी कार्रवाई का शिकार हुए हैं। इन तीनों जहाजों पर भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे। इनमें से एक जहाज पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई, जबकि बाकी भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया। इस मामले को लेकर भारत ने अमेरिका के सामने कड़ा विरोध भी दर्ज कराया है।

एमटी सेट्टेबेलो हमले में 3 भारतीयों की मौत

केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि पालाउ-ध्वज वाले एमटी सेट्टेबेलो (MT Settebello) पर हुए हमले के बाद लापता बताए गए तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हो गई है। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है। सरकार मृतकों के परिवारों के साथ खड़ी है और शवों को जल्द भारत लाने की व्यवस्था की जा रही है।

बुधवार को हुए इस हमले के बाद ओमान की सेना ने जहाज पर मौजूद 25 लोगों को बचा लिया था। इनमें 21 भारतीय भी शामिल थे। हालांकि तीन भारतीय लापता थे, जिनकी बाद में मौत की पुष्टि हुई।

एमटी जलवीर पर भी हुआ हमला

विदेश मंत्रालय के अनुसार गुरुवार को ओमान के शिनास बंदरगाह के पास गिनी-बिसाऊ ध्वज वाले एमटी जलवीर (MT Jalveer) पर भी हमला हुआ। इस जहाज पर 20 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे। मंत्रालय ने बताया कि सभी भारतीय सुरक्षित हैं।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार एमटी जलवीर इस सप्ताह कार्रवाई का शिकार बनने वाला तीसरा तेल टैंकर था। अमेरिका का दावा है कि जहाज ईरानी तेल ले जा रहा था और उसने अमेरिकी निर्देशों का पालन नहीं किया। इसके बाद जहाज के इंजन रूम को दो हेलफायर मिसाइलों से निशाना बनाकर उसे निष्क्रिय कर दिया गया।

इससे पहले एमटी मैरिवेक्स को बनाया गया था निशाना

सोमवार को पालाउ-ध्वज वाले एमटी मैरिवेक्स (MT Marivex) पर भी अमेरिकी मिसाइल हमला हुआ था। जहाज पर सवार सभी 24 भारतीयों को ओमान की सेना ने सुरक्षित बचा लिया था। विदेश मंत्रालय के अनुसार ये नाविक शुक्रवार को भारत लौट सकते हैं।

भारत ने अमेरिका के सामने जताई आपत्ति

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत ने अमेरिकी प्रभारी राजदूत (CDA) जेसन मीक्स को तलब कर विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि एमटी सेट्टेबेलो पर हमले के बाद भारत ने क्षेत्र में लगातार हो रहे हमलों पर अपनी गहरी चिंता जताई और अमेरिका के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया।

जायसवाल ने कहा कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है और जहाजों पर हो रहे ऐसे हमले बंद होने चाहिए। उन्होंने बताया कि इन घटनाओं में शामिल तीनों जहाज विदेशी ध्वज वाले थे और वे भारतीय स्वामित्व वाले जहाज नहीं थे।

उन्होंने कहा कि भारत ने बातचीत और कूटनीति के जरिए समाधान निकालने पर जोर दिया है। साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक जहाजों की आवाजाही जारी रहने की बात भी कही है।

पश्चिम एशिया में 18 हजार से ज्यादा भारतीय नाविक

जहाजरानी मंत्रालय के अनुसार दुनिया भर में 3.2 लाख से ज्यादा भारतीय नाविक काम कर रहे हैं। इनमें 18 हजार से ज्यादा पश्चिम एशिया में तैनात हैं। मंत्रालय ने बताया कि फारस की खाड़ी में भारतीय ध्वज वाले जहाजों पर इस समय 562 भारतीय नाविक मौजूद हैं।

फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) के महासचिव मनोज यादव ने कहा कि जिन जहाजों को निशाना बनाया गया, वे हथियार नहीं ले जा रहे थे। ऐसे में वाणिज्यिक जहाजों पर हमले स्वीकार नहीं किए जा सकते हैं।