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ईरान के तेल भंडार फुल, फट सकती हैं पाइप लाइनें, होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नाकेबंदी से मंडराया खतरा

होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पर अमेरिका की नाकेबंदी से ईरान की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ईरान के पास तेल एकत्र करने के लिए जगह नहीं बची है।

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Apr 28, 2026
होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नाकेबंदी से ईरान की मुश्किलें बढ़ीं (AI Image)

होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर दोहरी नाकेबंदी से ईरान की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। ईरान का तेल निर्यात बंद होने से अब उसके पास तेल का भंडारण करना एक बड़ी समस्या बन गया है। खार्ग द्वीप (Kharg Island) पर ईरान की 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल भंडारण की क्षमता है। ईरान का यह तेल भंडार 12-13 दिन में भर जाएगा।

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पुराने टैंकरों में तेल एकत्र कर रहा ईरान

अब ईरान अपने 30 साल पुराने टैंकर जहाज पर तेल स्टोर कर रहा है। तेल भंडारण क्षमता 100 प्रतिशत होने पर ईरान को अपने तेल के कुओं को बंद करने का भी डर सता रहा है। इस बीच, अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ईरान के पास समझौते के लिए 3 दिन का समय है, वरना उसकी तेल पाइप लाइनें फट जाएंगी। दूसरी तरफ रूस में ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची (Irani Foreign Minister Seyyed Abbas Araghchi) ने कहा है कि युद्ध में अमेरिका अपने किसी भी उद्देश्य को पूरा नहीं कर सका है।

नाकेबंदी खत्म कर होर्मुज खोलने का प्रस्ताव

ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को प्रस्ताव भेजा है। इसमें ईरान ने बातचीत की सीमाएं और शर्तें स्पष्ट की हैं। इसके साथ ही साफ किया है कि ईरान दबाव में आकर अपने मूल मुद्दों से समझौता नहीं करेगा। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान होर्मुज खोलने को तैयार है, लेकिन परमाणु मामले पर बाद में बात होगी। ईरान का कहना है कि वह होर्मुज स्ट्रेट तभी खोलेगा, जब वहां से अमेरिका की नाकेबंदी हटेगी। इसके अलावा ईरान को अमरीका-इजरायल से गारंटी चाहिए कि वे फिर से हमला नहीं करेंगे। दूसरी तरफ ईरान की संसद में प्रस्ताव आया है कि होर्मुज का नियंत्रण सेना को सौंप दिया जाए।

सीजफायर अपडेट

ईरानी सांसद इब्राहिम रेजाई ने पाकिस्तान की मध्यस्थता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा- मध्यस्थ को एक तरफ झुकना नहीं चाहिए। वहीं, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा कि युद्ध में ईरान ने अमेरिका का अपमान किया है। तनातनी के बीच ईरान ने 17 भारतीय दल वाले जहाज को ओमान तट के पास निशाना बनाया। हालांकि, सभी भारतीय दल सुरक्षित हैं।

रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मिले अराघची

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची सोमवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से सेंटपीटर्सबर्ग में मुलाकात की है। इस दौरान अराघची ने कहा कि ईरान-रूस के बीच ऊंचे स्तर की रणनीतिक साझेदारी है। उन्होंने जंग के दौरान रूस से सहयोग मिलने के लिए आभार जताया। वहीं, पुतिन ने कहा कि हम पश्चिम एशिया में शांति के लिए सब कुछ करेंगे।

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