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UNSC में पाकिस्तान-चीन को बड़ा झटका, BLA और मजीद ब्रिगेड पर अमेरिका ने रोकी कार्रवाई

Pakistan China Proposal: UNSC में पाकिस्तान और चीन की BLA व मजीद ब्रिगेड को वैश्विक आतंकी घोषित कराने की कोशिश अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने रोक दी। जानिए पूरा मामला।

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Jun 10, 2026
America Blocks Pakistan China Move
UNSC का पाकिस्तान को झटका (X)

America Blocks Pakistan China Move: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में पाकिस्तान और चीन को उस समय बड़ा झटका लगा, जब अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और उसकी सहयोगी इकाई मजीद ब्रिगेड को संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक आतंकवादी सूची में शामिल करने की संयुक्त कोशिश को रोक दिया। यह प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र की 1267 अल-कायदा प्रतिबंध समिति के तहत पेश किया गया था।

पाकिस्तान और चीन ने दाखिल किया था संयुक्त प्रस्ताव

सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान और चीन ने सितंबर 2024 में बीएलए और मजीद ब्रिगेड को ब्लैकलिस्ट करने के लिए संयुक्त प्रस्ताव दाखिल किया था। हालांकि, इस महीने सुरक्षा परिषद के तीन स्थायी और वीटो अधिकार प्राप्त सदस्य अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने इस प्रस्ताव को आगे बढ़ने से रोक दिया।

पाकिस्तान ने UNSC में क्या दलील दी?

संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत आसिम इफ्तिखार अहमद ने सुरक्षा परिषद की बैठक में दावा किया था कि ISIL-K, अल-कायदा, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP), ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट (ETIM), BLA और मजीद ब्रिगेड जैसे संगठन अफगानिस्तान में मौजूद ठिकानों से अपनी गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में 60 से अधिक आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर मौजूद हैं, जो सीमा पार घुसपैठ और आतंकी हमलों के लिए संचालन केंद्र के रूप में कार्य कर रहे हैं।

अहमद ने परिषद को किया संबोधित

अहमद ने परिषद को संबोधित करते हुए कहा, पाकिस्तान और चीन ने संयुक्त रूप से 1267 प्रतिबंध समिति के समक्ष BLA और मजीद ब्रिगेड को आतंकवादी संगठन घोषित करने का अनुरोध सौंपा है। हमें उम्मीद है कि समिति जल्द ही इस पर सकारात्मक निर्णय लेकर इन संगठनों की गतिविधियों पर रोक लगाएगी।

सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान की वर्तमान भूमिका

पाकिस्तान वर्तमान में 2025-26 कार्यकाल के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यीय समूह में एक अस्थायी सदस्य के रूप में शामिल है। वहीं चीन परिषद का स्थायी सदस्य है और उसके पास वीटो का अधिकार भी है। इसके अलावा पाकिस्तान 2025 में UNSC की 1988 तालिबान प्रतिबंध समिति का अध्यक्ष और आतंकवाद-रोधी समिति का उपाध्यक्ष भी रहा है।

भारत के प्रस्तावों पर चीन ने लगाया था वीटो

यह पहली बार नहीं है जब किसी आतंकी संगठन को सूचीबद्ध करने को लेकर सुरक्षा परिषद में मतभेद सामने आए हों। इससे पहले चीन कई मौकों पर भारत और उसके सहयोगी देशों, विशेषकर अमेरिका द्वारा पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों और आतंकी संगठनों को 1267 प्रतिबंध समिति के तहत नामित करने के प्रस्तावों को रोक चुका है। चीन के इस रुख को लेकर भारत ने समय-समय पर चिंता भी जताई थी।

अमेरिका का रुख क्या है?

दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका पहले ही बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) को विदेशी आतंकवादी संगठन (Foreign Terrorist Organization - FTO) और विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी (Specially Designated Global Terrorist - SDGT) घोषित कर चुका है। अमेरिकी विदेश विभाग ने मजीद ब्रिगेड को भी BLA के एक अन्य नाम (Alias) के रूप में अपने आतंकवादी प्रतिबंध ढांचे में शामिल किया हुआ है।

2019 से अमेरिका की आतंकवादी सूची में है BLA

वॉशिंगटन ने वर्ष 2019 में कई बड़े आतंकी हमलों के बाद BLA को SDGT घोषित किया था। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इसके बाद भी BLA और उसकी इकाई मजीद ब्रिगेड ने कई हमलों की जिम्मेदारी ली है। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र स्तर पर BLA और मजीद ब्रिगेड को वैश्विक आतंकवादी संगठन घोषित कराने की पाकिस्तान-चीन की हालिया कोशिश फिलहाल सफल नहीं हो सकी है, जिससे इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छिड़ गई है।

Published on:
10 Jun 2026 12:16 pm