Attack On Venezuela: अमेरिका ने कुछ महीने पहले से ही इस ऑपरेशन की तैयारी शुरू कर दी थी। ऑपरेशन लादेन की तरह ही इस कार्रवाई को भी अंजाम दिया गया है।
Delta Force operation Venezuela: वेनेजुएला की धरती शनिवार को धमाकों से दहल उठी। ये धमाके एक बड़ी योजना का हिस्सा थे, जिसका पता देशवासियों को कुछ ही देर में चल गया। अमेरिकी कमांडो फिल्मी अंदाज में आए और वेनेजुएला के राष्ट्रपति एवं उनकी पत्नी को उठाकर ले गए। वेनेजुएला में इसे किडनैपिंग के तौर पर देखा जा रहा है। निकोलस मादुरो और उनकी वाइफ सिलिया फ्लोरेस फिलहाल अमेरिका की कैद में हैं और उनका भविष्य डोनाल्ड ट्रंप निर्धारित करेंगे। चीन सहित कई देश अमेरिका की इस कार्रवाई की आलोचना कर रहे हैं। हालांकि, इसका ट्रंप पर कोई असर पड़ेगा, इसकी संभावना नहीं है।
अमेरिकी कमांडो वेनेजुएला के राष्ट्रपति के आवास में घुसे और उन्हें बेडरूम से खींचकर अपने साथ ले गए। यह सब कुछ किसी फिल्मी कहानी की तरह था। मिरर यूके की रिपोर्ट के अनुसार, वेनेजुएला की सत्ताधारी पार्टी के नेता नाहम फर्नांडीज ने बताया कि मादुरो और उनकी पत्नी राजधानी कराकस स्थित फोर्ट टियुआना मिलिट्री बेस के अपने घर में थे। राष्ट्रपति बेडरूम में आराम फरमा रहे थे। अमेरिकी सेना वहां दाखिल हुई और उन्हें खींचकर अपने साथ ले गई। मादुरो ने स्टील से बने सेफ रूम में भागने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और फर्स्ट लेडी सिलिया फ्लोरेस का अपहरण किया है।
अमेरिकी कमांडो ने फोर्ट टियुआना में कई धमाके किए। हवा, ज़मीन और समुद्र से इस मिशन को अंजाम दिया गया। वेनेजुएला के रक्षा मंत्री व्लादिमीर पैड्रिनो लोपेज का कहना है कि काराकास के दक्षिण में स्थित वेनेजुएला के सबसे बड़े मिलिट्री कॉम्प्लेक्स Fuerte Tiuna के इलाके के साथ ही राजधानी के आसपास मिरांडा, अरागुआ और ला गुएरा राज्यों के रिहायशी इलाकों पर अमेरिका ने हमला किया। इस हमले में कई लोगों की जान गई है। अमेरिका ने इस कार्रवाई का आधार ड्रग्स को बताया है, लेकिन माना जा रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप की नजर वेनेजुएला के तेल भंडार पर है।
ऑपरेशन 'एब्सोल्यूट रिज़ॉल्व' को डेल्टा फोर्स ने अंजाम दिया है। यूएस आर्मी की एलीट स्पेशल फोर्सेज में शामिल डेल्टा फोर्स पहले भी कुछ टॉप-सीक्रेट ऑपरेशन पूरे कर चुकी है। अमेरिका में 9/11 हमलों के बाद 2001 में ओसामा बिन लादेन की तलाश, 2015 में इराक में बंधकों को छुड़ाना और 2019 में ISIS नेता अबू बक्र अल-बगदादी पर कार्रवाई को डेल्टा फोर्स ने ही अंजाम दिया था। बिन लादेन के खिलाफ ऑपरेशन को भी ऐसे ही अंजाम दिया गया था। लादेन पाकिस्तान के एबटाबाद स्थित एक सुरक्षित परिसर में रह रहा था।
अमेरिका का ऑपरेशन वेनेजुएला, ऑपरेशन लादेन की तरह ही रहा। उस समय तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा पूरा ऑपरेशन लाइव देख रहे थे। इस बार, डोनाल्ड ट्रंप ने भी अमेरिकी सैनिकों के निकोलस मादुरो के आवास में दाखिल होने और उन्हें अपने साथ लेने से जुड़े हर पल को लाइव देखा। मार-ए-लागो (Mar-a-Lago) में एक बड़ी स्क्रीन लगाई गई थी, जिस पर ट्रंप पल-पल का अपडेट देख रहे थे। अमेरिका पिछले काफी समय से इस ऑपरेशन की तैयारी कर रहा था, यह एक दिन में लिया गया फैसला नहीं है। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को ट्रंप दक्षिण फ्लोरिडा में अपने शानदार प्राइवेट क्लब मार-ए-लागो पहुंचे और वहां मौजूद नेशनल सिक्योरिटी अधिकारियों को ऑपरेशन के लिए गुड लक कहा।
ट्रंप से हरी झंडी मिलते ही अमेरिकी हेलीकॉप्टर कराकस की ओर उड़े और कुछ ही घंटों में निकोलस मादुरो और सिलिया फ्लोरेस के पकड़े जाने की खबर आ गई। डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ दिन पहले ही इस ऑपरेशन की अनुमति दे दी थी, लेकिन मौसम खराब होने के चलते उसे टाला गया। शनिवार को जब मौसम अनुकूल हुआ, तो अमेरिकी कमांडो वेनेजुएला पहुंच गए। ट्रंप ने निकोलस मादुरो के बारे में हर जानकारी जुटाने के लिए एक टीम बनाई थी। जब यह पुष्टि हो गई कि मादुरो फोर्ट टियुआना में मौजूद हैं, तो अभियान को अंजाम दिया गया। बताया जाता है कि एक अमेरिकी एजेंट वेनेजुएला के राष्ट्रपति के बेहद करीब पहुंच गया था और वही सटीक जानकारी दे रहा था।
अपने एजेंट से मिले इनपुट के आधार पर डेल्टा फोर्स ने मादुरो के ठिकाने की हूबहू नकल तैयार की। कुछ ऐसा ही ऑपरेशन लादेन के समय किया गया था। हर संभावना को ध्यान में रखते हुए तैयारी की गई। जैसे कि अगर मादुरो सेफ रूम में भागने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें कैसे रोका जाएगा। अगर ऑपरेशन में कोई बाधा आती है, तो क्या किया जाए, आदि। तैयारी पूरी होने के बाद डेल्टा फोर्स वेनेजुएला पहुंची और बिना किसी बड़े नुकसान के निकोलस मादुरो और सिलिया फ्लोरेस को अपने साथ ले आई। वेनेजुएला के सबसे बड़े मिलिट्री कॉम्प्लेक्स से राष्ट्रपति को उठाकर लाना, आसान नहीं था। चूंकि, डेल्टा फोर्स के पास चप्पे-चप्पे का नक्शा था, इसलिए उसे खास परेशानी नहीं हुई।