
US Embassy Riyadh attack: ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद मिडिल ईस्ट में लगातार तनाव बढ़ रहा है। इसी बीच सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास के ऊपर जोरदार धमाके सुने गए और इमारत के ऊपर काला धुआं उठता दिखाई दिया।
वहीं सऊदी रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि अमेरिकी दूतावास पर दो ड्रोन से हमला किया गया। इस हमले में इमारत में सीमित आग लगी और मामूली भौतिक नुकसान हुआ। हमले के बाद सऊदी अरब स्थित अमेरिकी दूतावास ने जेद्दा, रियाद और दहरान में शेल्टर इन प्लेस यानी जहां हैं वहीं सुरक्षित रहने की एडवाइजरी जारी की। साथ ही क्षेत्र के सैन्य ठिकानों की गैर-जरूरी यात्राओं को सीमित करने की घोषणा की गई।
सोमवार को कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी दूतावास भी हमलों की चपेट में आए। जॉर्डन की राजधानी अम्मान स्थित दूतावास से सुरक्षा कारणों के चलते कर्मचारियों को अस्थायी रूप से हटा लिया गया। दूतावास ने सोशल मीडिया पर जारी अलर्ट में कहा कि संभावित खतरे को देखते हुए एहतियातन स्टाफ को परिसर से बाहर भेजा गया है।
इसी दिन इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिकी दूतावास के पास दूसरे दिन भी झड़पें हुईं। अमेरिकी-इजरायली हमलों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने सुरक्षा बलों पर पथराव किया, जिसके जवाब में आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। अधिकारियों ने आरोप लगाया कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने गोलियां भी चलाईं, जिससे सुरक्षाकर्मी घायल हुए। प्रदर्शनकारी ग्रीन जोन में घुसने की कोशिश कर रहे थे, जहां कई दूतावास और सरकारी इमारतें स्थित हैं।
शनिवार को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के कई शहरों पर हमले किए जाने के बाद हालात तेजी से बिगड़े हैं। इन हमलों में अब तक 555 लोगों के मारे जाने की खबर है। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में जमीन और समुद्र दोनों मोर्चों पर जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी।
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद दुनिया भर में शोक और विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। पाकिस्तान के कराची और लाहौर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों के बाहर प्रदर्शन के दौरान हिंसा भी हुई, जिसमें कई लोगों की मौत की खबर है।