
US on Hormuz Strait: पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बरकरार है। इस बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया है कि होर्मुज स्ट्रेट का दक्षिणी मार्ग सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए पूरी तरह खुला और सुरक्षित है। ईरान की अनुचित आक्रामकता के बावजूद यह मार्ग सुचारु रूप से संचालित हो रहा है। पिछले तीन महीनों में अमेरिकी बलों ने इस रणनीतिक जलमार्ग से 1,000 से अधिक जहाजों को सुरक्षित रूप से गुजरने में सहायता प्रदान की है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी पोस्ट में अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा, 'होर्मुज स्ट्रेट का दक्षिणी मार्ग अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से गुजरने वाले सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए खुला और सुरक्षित है। पिछले तीन महीनों में अमेरिकी बलों ने ईरान की कथित अनुचित आक्रामकता के बावजूद 1,000 से अधिक जहाजों को सफलतापूर्वक इस मार्ग से गुजरने में सहायता प्रदान की है। यह प्रक्रिया आज भी जारी है।'
गौरतलब है कि अमेरिका की ओर से यह बयान ऐसे समय आया है, जब होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। यह जलमार्ग दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
इससे पहले एक अमेरिकी अधिकारी ने अल जजीरा से कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट में बनाए गए किसी भी अस्थायी नौवहन मार्ग के उपयोग के लिए किसी प्रकार के परमिट, मंजूरी या शुल्क की आवश्यकता नहीं होगी। अधिकारी ने यह भी कहा कि इस अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर किसी एक पक्ष का नियंत्रण नहीं है।
अमेरिका की यह टिप्पणी ईरान के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार मोहसेन रजाई के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने संबंधी बयान को खारिज कर दिया था।
ईरान के सरकारी मीडिया 'प्रेस टीवी' के अनुसार, मोहसेन रजाई ने कहा कि तेहरान द्वारा निर्धारित मार्ग के अलावा किसी अन्य नौवहन मार्ग की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ने पहले हुए एक समझौता ज्ञापन का उल्लंघन किया और उसके बाद हमले किए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई अमेरिकी युद्धपोत उनकी नजर में अनधिकृत मार्ग का इस्तेमाल करेगा, तो उसे निशाना बनाया जाएगा।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने को लेकर बातचीत चल रही है। उन्होंने इसे ईरान के साथ वार्ता के पहले चरण का हिस्सा बताया। ट्रंप ने कहा कि दूसरे चरण की बातचीत ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर केंद्रित होगी। उन्होंने दोहराया कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते।
हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिका के साथ किसी भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष बातचीत की खबरों का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि तेहरान फिलहाल अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की द्विपक्षीय वार्ता में शामिल नहीं है।