
US-Iran War: पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है, जिसका असर दुनिया भर की वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है। इसी कड़ी में अमेरिका की ओर से ईरान पर किए गए हमले में 14 लोगों की मौत और 78 में से अभी 47 घायलों के अस्पताल में भर्ती होने का दावा तेहरान की तरफ से किया गया है।
अल जजीरा के मुताबिक, ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि पिछले दो दिनों में अमेरिकी बलों ने देश के पांच प्रांतों पर हमले किए, जिनमें 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 78 अन्य घायल हुए हैं।
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता होसैन केरमनपूर ने बताया कि अमेरिकी हमलों में घायल हुए 78 लोगों में से 47 अब भी अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने कहा कि बाकी घायलों को आवश्यक चिकित्सा उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
ईरान की सेना ने दावा किया किया कि अमेरिका हमलों के जवाब में उसने कतर, बहरीन और कुवैत में हमले किए। उसने खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी ठिकानों और रणनीतिक केंद्रों को निशाना बनाकर ड्रोन हमले किए।
ईरानी सेना के अनुसार, हमलों में कुवैत में पैट्रियट मिसाइल प्रणाली, कतर में अर्ली वॉर्निंग सैटेलाइट एंटीना साइट और बहरीन में अमेरिकी सेना के ईंधन भंडारण टैंकों को निशाना बनाया गया। ईरानी सेना ने कहा कि इन हमलों में विभिन्न प्रकार के बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।
सेना के बयान में कहा गया कि ईरान के सशस्त्र बल किसी भी परिस्थिति में अमेरिका के मूर्ख राष्ट्रपति के उद्देश्यों और महत्वाकांक्षाओं को सफल नहीं होने देंगे और अंतिम विजय तक इस्लामी क्रांति के उच्च आदर्शों की रक्षा करते रहेंगे।
कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जासिम अल थानी ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत के दौरान होर्मुज स्ट्रेट में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाए जाने वाले हमलों की कड़ी निंदा की। कतर के विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने पिछले दो दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव से जुड़े ताज़ा घटनाक्रमों की समीक्षा की।
शेख मोहम्मद ने कहा कि इस तरह की कार्रवाइयां विश्वास को कमजोर करती हैं, अंतरराष्ट्रीय समुद्री नौवहन की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करती हैं और क्षेत्रीय सुरक्षा एवं स्थिरता को मजबूत करने के प्रयासों को नुकसान पहुंचाती हैं। उन्होंने सभी पक्षों से संवाद और कूटनीति का रास्ता अपनाने, साथ ही अंतरिम अमेरिका-ईरान समझौते के तहत हुई सहमतियों को लागू करने का आग्रह किया।
कतर के प्रधानमंत्री ने यह भी दोहराया कि कतर क्षेत्र में तनाव कम करने और व्यापक समझौते तक पहुंचने के उद्देश्य से किए जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करता है, ताकि क्षेत्र में सुरक्षा, स्थिरता और स्थायी शांति सुनिश्चित की जा सके।