
US-Iran Tension: लेबनान पर इजरायल के हमले के बाद से अमेरिका-ईरान डील पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। इससे गुस्साए ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का ऐलान किया, वहीं भारत के लिए राहत की बात यह रही कि इस समुद्री जलमार्ग के बंद होने से पहले शनिवार को तीन भारतीय टैंकर सुरक्षित होर्मुज पार करने में सफल रहे। इन टैंकरों में साढ़े 8 लाख टन और 94 क्रू सवार थे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस उठा पटक के बीच अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने स्विटजरलैंड में रविवार को होने वाली दोनों देशों की शांति वार्ता से पहले आशंका जताई है कि इस दौरान इजरायल कुछ ऐसे कदम उठा सकता है, जिससे अमेरिका-ईरान के बीच होने वाली डील पर खलल पड़े।
मध्य-पूर्व में जारी तनाव को समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता का नया दौर शुरू होने वाला है। अंतरिम समझौते के प्रमुख पहलुओं को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से चर्चा करने के लिए अमेरिका और ईरान के वार्ताकार शनिवार को स्विट्जरलैंड के लिए रवाना हुए। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस शनिवार शाम को जहां स्विट्जरलैंड के लिए रवाना हुए, वहीं ईरानी टीम का नेतृत्व संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबाफ कर रहे हैं। ईरान प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी शामिल हैं।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच हो रही वार्ता में भाग ले रहे एक राजनयिक ने बताया कि दोनों देशों के बीच हो रही वार्ता में इजरायल-हिजबुल्लाह संघर्ष पर भी चर्चा होगी। इस मुद्दे पर पहले सत्र में चर्चा की जाएगी। यहां यह बता दें कि स्विटजरलैंड में होने वाली वार्ता में इजरायल, हिजबुल्लाह और लेबनान सरकार शामिल नहीं है। ईरान को इजरायल-हिजबुल्लाह संघर्ष की चर्चा के लिए अनुमति देना अमेरिकी दृष्टिकोण में बदलाव को दर्शाता है।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि मध्य-पूर्व में जारी तनाव को खत्म करने के लिए दोनों देशों के बीच हस्ताक्षरित समझौता मुश्किल में पड़ सकता है, यदि इसके प्रावधानों को जल्द से जल्द लागू नहीं किया जाता। लेबनान में इजरायल हमले को देखते हुए ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाक़ाई ने कहा, 'दूसरे पक्ष को यथाशीघ्र आवश्यक कदम उठाने होंगे। अन्यथा, पूरा समझौता खतरे में पड़ जाएगा।'