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Bolivia State Emergency: बोलीविया में आर्थिक संकट गहराया, राष्ट्रपति रोड्रिगो पाज़ ने आपातकाल लगाया

Bolivia crisis: बोलीविया के राष्ट्रपति रोड्रिगो पाज ने आपातकाल की घोषणा की है। लगातार विरोध-प्रदर्शों के देखते हुए दक्षिण अमेरिकी देश की आर्थव्यवस्था ठप हो गई थी।
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Bolivia latest update

बोलिविया के राष्ट्रपति रोड्रिगो पाज़ (Photo - IANS)

Bolivia economy halt: बोलीविया में शनिवार को संकट तब और गहरा गया, जब राष्ट्रपति रोड्रिगो पाज़ ने आपातकाल की घोषणा की। इससे सेना को बड़े पैमाने पर तैनात करने और व्यवस्था बहाल करने की इजाजत मिल गई, क्योंकि पिछले 50 दिनों से चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के कारण अर्थव्यवस्था ठप हो गई थी।

आपातकाल की घोषणा के साथ ही बोलीविया के राष्ट्रपति को संवैधानिक अधिकार मिल गए हैं। यह आदेश तुरंत लागू हो जाता है। हालांकि राष्ट्रपति के आदेश के 24 घंटे के भीतर द्विसदनीय विधायिका कांग्रेस को आपातकाल के बारे में बताना होता है। कांग्रेस के पास विधायिका को स्वीकार करने या अस्वीकार करने के लिए 72 घंटे का समय होता है।

क्यों लगाया गया आपातकाल?

पूर्व वामपंथी राष्ट्रपति इवो मोरालेस समर्थक कई प्रदर्शनकारी समूहों ने प्रमुख राजमार्गों को बंद कर दिया है। इसके चलते ट्रक फंस गए हैं। इस वजह से खाद्य पदार्थों, ईंधन और दवाइयों की आपूर्ति बाधित हो गई है। इसका असर राजधानी ला पाज सहित कई क्षेत्रों पर पड़ा है।

क्या है विवाद?

राष्ट्रपति रोड्रिगो पाज़ ने डॉलर की कमी और इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) के साथ बातचीत के बीच घाटे को कम करने के लिए लंबे समय से चली आ रही ईंधन सब्सिडी में अचानक कटौती कर दी। इस फैसले के बाद बोलीविया में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए। ऐसे में ईंधन की कीमतों को स्थिर करने और अलोकप्रिय भूमि सुधारों को वापस लेना पड़ा, बावजूद इसके विरोध-प्रदर्शन तेज हो गए। वहीं, श्रमिक संगठनों ने वेतन में बढ़ोतरी, ईंधन और डॉलर की कमी को समाप्त करने और पाज़ के इस्तीफे की मांग शुरू कर दी। ऐसे में 50 दिनों से चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के कारण बोलीविया में आर्थिक संकट गहरा गया।

राष्ट्रपति ने दी चेतावनी

इस फैसले को लेकर बोलीविया के राष्ट्रपति रोड्रिगो पाज़ ने कहा कि हफ्तों की हिंसा और नाकेबंदी के बाद यह संकट लोकतंत्र को अस्थिर करने की एक संगठित कोशिश में बदल गया है। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी का मकसद व्यवस्था बहाल करना, नागरिकों की सुरक्षा करना और ज़रूरी सामानों की आपूर्ति सुनिश्चित करना है। साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी कि जो लोग बाधा उत्पन्न करेंगे, उन्हें कानून का सामना करना पड़ेगा।