US Iran Conflict: होर्मुज जलडमरूमध्य में टोल वसूली को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने ओमान को चेतावनी दी है कि यदि उसने ईरान के साथ मिलकर टोल सिस्टम लागू करने में मदद की तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई करेगा। वहीं ट्रंप प्रशासन ने ईरान की ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ पर भी प्रतिबंध लगाए हैं।
US Iran Conflict: होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अब अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने ओमान को भी सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि किसी ने होर्मुज जलडमरूमध्य में टोल वसूली प्रणाली लागू करने में ईरान की मदद की, तो अमेरिका उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा।
स्कॉट बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिकी सरकार होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी तरह की टोल व्यवस्था को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने विशेष रूप से ओमान का नाम लेते हुए कहा कि अमेरिकी ट्रेजरी उन सभी लोगों और संस्थाओं को निशाना बनाएगी, जो सीधे या परोक्ष रूप से इस व्यवस्था को लागू कराने में शामिल होंगे।
उन्होंने कहा, “दुनिया के सभी देशों को ईरान की उन कोशिशों को खारिज कर देना चाहिए, जिनका मकसद वैश्विक व्यापार और समुद्री आवाजाही को बाधित करना है। तेहरान के क्षेत्र और दुनिया को डराने-धमकाने के दिन खत्म हो चुके हैं।”
इससे एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी ओमान को लेकर कड़ा बयान दे चुके हैं। कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र है और इस पर किसी का नियंत्रण नहीं हो सकता। उन्होंने ओमान को चेतावनी देते हुए कहा था, “ओमान को बाकी देशों की तरह व्यवहार करना होगा, नहीं तो हमें सख्त कदम उठाने पड़ेंगे।”
ट्रंप प्रशासन लगातार यह स्पष्ट कर रहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी तरह की टोल वसूली या नियंत्रण व्यवस्था स्वीकार नहीं की जाएगी।
अमेरिका ने बुधवार को ईरान की ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ (PGSA) पर भी प्रतिबंध लगा दिए। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग का आरोप है कि ईरान इस संस्था के जरिए अंतरराष्ट्रीय जहाजों से अवैध टोल वसूलने की कोशिश कर रहा है और इससे मिलने वाली रकम इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) तक पहुंचाई जा रही है।
ट्रेजरी विभाग के अनुसार पीजीएसए को हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही नियंत्रित करने के उद्देश्य से बनाया गया था। अमेरिका ने इसे अपनी ‘इकोनॉमिक फ्यूरी’ रणनीति का हिस्सा बताते हुए प्रतिबंध सूची में शामिल कर लिया है।
ईरान और ओमान की ओर से पहले कहा गया था कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए एक नया प्रोटोकॉल तैयार कर रहे हैं। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने इसे 'जिम्मेदार कदम' बताया था और कहा था कि समुद्री सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण जैसी सेवाओं के लिए कुछ शुल्क लिया जाना स्वाभाविक है।
हालांकि अमेरिका इसे वैश्विक व्यापार के लिए खतरा मान रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है।