Donald Trump after US Iran Islamabad peace talks: इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान शांति वार्ता विफल होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने तीखे बयान दिए। उन्होंने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए सैन्य कार्रवाई और बुनियादी ढांचे पर संभावित हमलों की बात कही। तेहरान पर अमेरिकी मांगों को मानने का दबाव बढ़ा।
Donald Trump on US-Iran War: इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच जारी शांति वार्ता विफल रहने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने रविवार को विश्वास व्यक्त किया कि तेहरान आखिरकार अमेरिकी मांगों को मान लेगा। इसके साथ ही उन्होंने पूर्ण सैन्य विनाश की संभावना को लेकर कड़ी चेतावनी भी जारी की।
'फॉक्स न्यूज' से बात करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान का बातचीत की मेज पर लौटना जरूरी है। उन्होंने कहा, 'मैं भविष्यवाणी करता हूं कि वे लौटेंगे और हमें वह सब कुछ देंगे, जो हम चाहते हैं।' ईरानी नेतृत्व की कथित रूप से कमजोर स्थिति पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, 'मुझे सब कुछ चाहिए… उनके पास कोई विकल्प नहीं है।'
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने हालिया भड़काऊ बयानों पर भी कायम रहे, जिसमें पिछले सप्ताह दी गई यह धमकी भी शामिल है कि आज रात एक पूरी सभ्यता नष्ट हो जाएगी, जिसे फिर कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा। इस पर उन्होंने तर्क दिया कि इस तरह के कड़े संदेश ही हालिया कूटनीतिक वार्ता का मुख्य कारण थे।
ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से कहा, 'जब मैं किसी सभ्यता की बात करता हूं, तो वह सचमुच बदल गई है। वाकई बदल गई है। लेकिन सोचिए, उन्हें यह कहने की इजाजत है-‘अमेरिका का नाश हो, इसका नाश हो।’ और मैंने एक बयान दिया, तो उन्होंने कहा, ‘अरे, यह तो बहुत बड़ी बात है।’ उस बयान ने उन्हें बातचीत की मेज पर ला दिया, और तब से वे वहीं हैं।'
राष्ट्रपति की यह टिप्पणी इस्लामाबाद में हाल ही में संपन्न हुई लंबी वार्ता के बाद आई है, जो बिना किसी औपचारिक समझौते के समाप्त हुई। इस दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी चेतावनियों को और भी तीखा कर दिया। उन्होंने ईरान के राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे के केंद्र को निशाना बनाने की पिछली धमकियों को दोहराया। राष्ट्रपति ने दावा किया, 'मैं एक दिन में ईरान को नष्ट कर सकता हूं।'
संभावित सैन्य कार्रवाई के दायरे के बारे में बात करते हुए उन्होंने देश की बिजली और रसद व्यवस्था के खिलाफ हमले की चेतावनी दी। उन्होंने कहा, 'एक घंटे में मैं उनकी पूरी ऊर्जा प्रणाली, उनके सभी संयंत्र, उनके बिजली उत्पादन केंद्र पर कब्जा कर सकता हूं, जो कि बहुत बड़ी बात है। और मुझे ऐसा करने से नफरत है, क्योंकि अगर मैं ऐसा करता हूं, तो इसे दोबारा बनाने में 10 साल लग जाएंगे। वे इसे कभी दोबारा नहीं बना पाएंगे। और दूसरी चीज जो आप नष्ट कर देंगे, वे हैं पुल।'
वाशिंगटन की ओर से यह भड़काऊ बयानबाजी पाकिस्तान में 21 घंटे तक चली थका देने वाली शांति वार्ता के विफल रहने के तुरंत बाद आई है।