
Masoud Pezeshkian on US-Iran Negotiations: ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका के साथ जारी अप्रत्यक्ष वार्ताओं का जोरदार बचाव किया है। उन्होंने उन तमाम घरेलू आलोचनाओं को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें उनकी सरकार सर्वोच्च धार्मिक नेतृत्व की मंजूरी के बिना बातचीत करने का आरोप लगाया जा रहा था।
इस्लामिक डेवलपमेंट कोऑर्डिनेशन काउंसिल की स्मृति समारोह समन्वय समिति के अधिकारियों के साथ बैठक में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इस मसले पर अपनी बात स्पष्ट की। उन्होंने साफ किया कि सभी कूटनीतिक कदम इस्लामिक गणराज्य की स्थापित निर्णय प्रक्रिया के तहत और नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के रणनीतिक मार्गदर्शन में उठाए गए हैं।
मसूद पेजेशकियन ने कहा कि कार्यपालिका पूरी तरह नेतृत्व के साथ तालमेल में काम कर रही है। उन्होंने कहा यदि सर्वोच्च नेतृत्व ने बातचीत नहीं करने का आदेश दिया होता तो हम निश्चित रूप से उसका पालन करते। यदि उन्होंने कहा होता कि कोई बैठक या वार्ता नहीं होगी तो हम न बैठक करते और न ही कोई बातचीत करते।
मसूद पेजेशकियन ने बताया कि सर्वोच्च नेता ने इस मुद्दे को स्पष्ट रूप से सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल को सौंप दिया था। उन्होंने निर्देश दिया था कि यदि परिषद के तीन-चौथाई सदस्य इसके पक्ष में मतदान करें तभी कूटनीतिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।
ईरानी राष्ट्रपति के अनुसार, यह प्रस्ताव भारी बहुमत से पारित हुआ। परिषद के 13 में से 12 सदस्यों ने इसके पक्ष में मतदान किया और विस्तृत चर्चा के बाद इसका दृढ़ समर्थन भी किया। सरकार द्वारा उठाए गए सभी कदम व्यवस्था की स्वीकृत नीतियों और देश की व्यापक रणनीतियों के अनुरूप हैं। उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार पूरी तरह समन्वय और एकजुटता के सिद्धांत पर काम कर रही है।
आपको बता दें कि मसूद पेजेशकियन का यह राजनीतिक बचाव ऐसे समय में सामने आया है, जब ईरान हाल ही में लंबे समय तक सर्वोच्च नेता रहे अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद मुश्किल के दौर से गुजर रहा है। देश में व्यापक अंतिम संस्कार की तैयारियों के बीच कतर में बैक-चैनल कूटनीतिक वार्ताएं भी जारी रहीं।
कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थों ने दोहा में अमेरिकी और ईरानी वार्ताकारों के साथ अलग-अलग अप्रत्यक्ष बैठकों का सफलतापूर्वक आयोजन किया। कतर के प्रधानमंत्री के सलाहकार और विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता माजिद अल अंसारी ने सोशल मीडिया 'X' पर बताया कि 14-सूत्रीय इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के संबंध में सकारात्मक प्रगति हुई है।
दोहा वार्ता स्विट्जरलैंड में आयोजित हालिया 'लेक लूसर्न शिखर सम्मेलन' में तय रूपरेखा पर आधारित थी। कतर के अधिकारियों ने बताया कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल को राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए स्वदेश लौटने का अवसर देने हेतु फिलहाल बातचीत को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों पक्षों के बीच अगली दौर की वार्ता जल्द से जल्द आयोजित की जाएगी।