
US-Iran Peace Deal: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की कोशिशों के बीच कतर की राजधानी दोहा में अहम बातचीत शुरू हो गई है। दोनों देशों के अधिकारी युद्धविराम, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही और ईरान की 6 अरब डॉलर की फ्रीज संपत्ति जैसे बड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। ईरानी अधिकारी ने बताया कि दोनों देश समझौते की कोशिश कर रहे हैं जिससे क्षेत्र में शांति बन सके और समुद्री रास्तों से व्यापार दोबारा सामान्य हो सके।
होर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और प्राकृतिक गैस व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ईरान चाहता है कि इस क्षेत्र में उसके नियंत्रण को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिले और जहाजों की आवाजाही को लेकर उसकी भूमिका तय हो। ईरानी का कहना है कि जरूरत पड़ने पर ईरान अपने अधिकारों के लिए कड़ा रुख भी अपना सकता है। वहीं अमेरिका की प्राथमिकता है कि इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के जारी रहे।
ईरान ने बातचीत में अपनी जमी हुई 6 अरब डॉलर की संपत्ति को वापस पाने को भी अहम मुद्दा बनाया है। ईरानी अधिकारी के अनुसार, मौजूदा दौर की चर्चा में होर्मुज और फ्रीज संपत्ति दोनों प्रमुख विषय हैं। पिछले महीने हुए 14 बिंदुओं वाले अंतरिम समझौते के बाद यह बातचीत शुरू हुई है। इस समझौते का मकसद युद्ध को रोकना, होर्मुज को फिर से खोलना और अगले 60 दिनों में स्थायी शांति समझौते की दिशा में आगे बढ़ना था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जारेड कुशनर और अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ ने बातचीत कराने में भूमिका निभाई। दोनों ने कतर के प्रधानमंत्री से मुलाकात की, लेकिन वे खुद दोहा में चल रही मुख्य वार्ता में शामिल नहीं हुए। कतर और पाकिस्तान इस बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम समझौते में लेबनान में ईरान समर्थित संगठन हिज्बुल्लाह और इजरायल के बीच युद्ध खत्म करने का मुद्दा भी शामिल है। लेबनान को लेकर भी मंगलवार तक कई स्तरों पर कूटनीतिक बातचीत जारी थी। अमेरिका, इजरायल और लेबनान सरकार के बीच सुरक्षा समझौते को लेकर कोशिशें चल रही हैं, हालांकि हिज्बुल्लाह ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।